Wednesday, April 1, 2026
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फिल्म ‘धुरंधर-2’ पर विवाद: बरेली को ‘पॉकेटमारों का शहर’ बताने पर सपा पार्षद का लीगल नोटिस

फिल्म ‘धुरंधर-2’ पर विवाद: बरेली को ‘पॉकेटमारों का शहर’ बताने पर सपा पार्षद का लीगल नोटिस

रामपुर गार्डन वार्ड के पार्षद राजेश अग्रवाल बोले— “आला हजरत और पांचाल की नगरी की गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”, संवाद हटाने की मांग

रिपोर्ट/सत्य प्रकाश 

बरेली। फिल्म ‘धुरंधर-2’ को लेकर बरेली में विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के पार्षद राजेश अग्रवाल ने फिल्म के निर्माताओं को कानूनी नोटिस भेजते हुए आरोप लगाया है कि फिल्म में बरेली शहर को “पॉकेटमारों का शहर” कहकर उसकी छवि को धूमिल किया गया है। उन्होंने इसे शहर की गरिमा और यहां के लोगों के सम्मान के खिलाफ बताते हुए संबंधित संवाद को तुरंत हटाने की मांग की है।

पार्षद राजेश अग्रवाल ने कहा कि बरेली केवल एक शहर नहीं बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि यह आला हजरत की नगरी और ऐतिहासिक पांचाल क्षेत्र का हिस्सा है, जिसकी अपनी पहचान और प्रतिष्ठा है। ऐसे में किसी फिल्म में शहर को गलत तरीके से प्रस्तुत करना यहां के लोगों की भावनाओं को आहत करता है।

संवाद हटाने की मांग, वरना होगी कानूनी कार्रवाई

राजेश अग्रवाल ने फिल्म निर्माताओं को भेजे नोटिस में स्पष्ट किया है कि यदि फिल्म से बरेली को लेकर आपत्तिजनक संवाद तुरंत नहीं हटाया गया तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और मानहानि का मुकदमा भी दायर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर की प्रतिष्ठा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

पहले भी लड़ चुके हैं विधानसभा चुनाव

राजेश अग्रवाल बरेली के रामपुर गार्डन वार्ड से समाजवादी पार्टी के पार्षद हैं। वह इससे पहले बरेली शहर विधानसभा सीट से सपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव भी लड़ चुके हैं और स्थानीय राजनीति में सक्रिय माने जाते हैं।

फिल्मी संवादों पर बढ़ते विवाद

गौरतलब है कि फिल्मों में किसी शहर या समुदाय को लेकर किए गए संवादों पर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। कई बार स्थानीय लोगों या जनप्रतिनिधियों की आपत्ति के बाद फिल्म निर्माताओं को ऐसे दृश्य या संवाद हटाने पड़े हैं।

क्या फिल्मकारों को सावधानी बरतनी चाहिए?

इस पूरे मामले पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ लोगों का मानना है कि फिल्मों में रचनात्मक स्वतंत्रता होनी चाहिए, जबकि कई लोग कहते हैं कि किसी शहर या समुदाय की छवि खराब करने वाले संवादों से बचना चाहिए।

फिलहाल यह देखना होगा कि फिल्म धुरंधर-2 के निर्माता इस नोटिस पर क्या जवाब देते हैं और क्या विवादित संवाद को हटाने का फैसला लिया जाता है या नहीं।

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