केशव प्रसाद मौर्य के रुख में आया बड़ा बदलाव!
पटना एयरपोर्ट पर सुपरस्टार नेता संग दिखे
फिरोज खान, यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/हैदर अली
100 विधायकों वाले ऑफर पर सियासी गलियारों में हलचल तेज
लखनऊ/पटना,बिहार चुनाव के बीच अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी उबाल आने लगा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान के बाद से बीजेपी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक, योगी के भाषण में जिस तरह से संगठन और सरकार के बीच संतुलन की बात कही गई, उसके बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का रुख भी बदलता हुआ नजर आ रहा है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि केशव प्रसाद मौर्य अब एक “बड़े ऑफर” को लेकर गंभीर मंथन में हैं। सूत्रों का दावा है कि उन्हें 100 से अधिक विधायकों का समर्थन मिलने का प्रस्ताव दिया गया है।
यह ऑफर एक “नए राजनीतिक समीकरण” का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसकी रूपरेखा आने वाले दिनों में साफ हो सकती है।
जानकार बताते हैं कि यूपी में अगले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के अंदर दो धाराएं उभर चुकी हैं — एक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नेतृत्व वाली, और दूसरी संगठन में जमीनी स्तर पर सक्रिय पुराने नेताओं की। इसी पृष्ठभूमि में केशव प्रसाद मौर्य का नाम अचानक सुर्खियों में आना किसी बड़े सियासी घटनाक्रम का संकेत माना जा रहा है।
मंगलवार को पटना एयरपोर्ट पर एक चौंकाने वाला दृश्य देखने को मिला। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को एक “सुपरस्टार नेता” के साथ देखा गया, जो पिछले कुछ समय से राष्ट्रीय राजनीति में नई दिशा देने के लिए सक्रिय हैं। सूत्रों के अनुसार, यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक भेंट नहीं थी, बल्कि राजनीतिक रूप से “महत्वपूर्ण संवाद” का हिस्सा थी।
सूत्र बताते हैं कि इस मुलाकात में यूपी की सियासत, 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति और बीजेपी में आंतरिक समीकरण जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। हालांकि मौर्य जी ने मीडिया के सवालों पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन उनके चेहरे पर आत्मविश्वास और मुस्कान ने कई अटकलों को जन्म दे दिया है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि, “केशव प्रसाद मौर्य संगठन के पुराने नेता हैं, वे जानते हैं कि कब क्या कदम उठाना है। अगर वे कोई बड़ा निर्णय लेते हैं तो उसका असर सीधे लखनऊ से लेकर दिल्ली तक महसूस होगा।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार चुनाव के साथ-साथ यूपी में जो नए गठबंधन और समीकरण बन रहे हैं, वे आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों की दिशा तय कर सकते हैं। यूपी में ओबीसी वर्ग के नेता के रूप में मौर्य का प्रभाव पहले से ही गहरा है, ऐसे में अगर वे किसी नए राजनीतिक मंच या रणनीति के साथ आगे आते हैं, तो यह बीजेपी के लिए चुनौती बन सकता है।
फिलहाल पार्टी स्तर पर इस पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी साधी गई है, लेकिन अंदरखाने में बैठकों और रणनीति सत्रों की रफ्तार बढ़ गई है।
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि “अगले कुछ हफ्तों में यूपी की राजनीति में बड़ा विस्फोट देखने को मिल सकता है।”
पटना एयरपोर्ट पर हुई यह रहस्यमयी मुलाकात, योगी के भाषण और मौर्य के बदले रुख ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति अब एक नए मोड़ पर पहुंचने वाली है।
अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या केशव प्रसाद मौर्य “100 विधायकों वाले ऑफर” को स्वीकार कर कोई बड़ा दांव खेलेंगे या फिर यह सिर्फ सियासी जंग की शुरुआती गहमागहमी है।


