टिसुआ रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के इंजन से सैकड़ों लीटर डीजल चोरी
फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/हैदर अली
50 मीटर लंबा पाइप लगाकर उड़ाया ईंधन, वीडियो वायरल, रेलवे महकमे में हड़कंप!
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर देने वाला चौंकाने वाला मामला सामने आया है। टिसुआ रेलवे स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी के इंजन से सैकड़ों लीटर डीजल चोरी कर लिया गया। चोरों ने यह काम इतनी सफाई से किया कि किसी को भनक तक नहीं लगी। अब चोरी का वीडियो वायरल होने के बाद पूरे रेलवे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
मामला बरेली-शाहजहांपुर रेलखंड के अंतर्गत आने वाले टिसुआ स्टेशन का है। जानकारी के अनुसार, 1 नवंबर की शाम को मुरादाबाद से शाहजहांपुर जा रही मालगाड़ी (इंजन नंबर 49630) को टिसुआ स्टेशन पर रोका गया था। गाड़ी के लोको पायलट रवेंद्र प्रसाद ने बताया कि उन्होंने इंजन की सामान्य जांच के बाद कुछ समय बाद बाहर आकर देखा तो नज़ारा देखकर उनके होश उड़ गए।
उन्होंने देखा कि इंजन के डीजल टैंक का ढक्कन खुला हुआ था और उसमें करीब 50 मीटर लंबा पाइप डालकर डीजल निकाला जा रहा था। पाइप एक तरफ इंजन से जुड़ा था और दूसरी ओर 50-50 लीटर की केनों में डीजल भरा जा रहा था।
लोको पायलट ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी। कुछ ही देर में आरपीएफ चौकी इंचार्ज नरवीर सिंह मौके पर पहुंचे। जांच में दो डीजल से भरी केन (प्रत्येक 50 लीटर) और पांच खाली केन बरामद की गईं।
आरपीएफ ने पूरे क्षेत्र की वीडियो फुटेज और वायरल क्लिप को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह डीजल चोरी का संगठित गिरोह हो सकता है, जो रेल इंजनों से डीजल चुराने का काम लंबे समय से कर रहा है।
चौंकाने वाली बात यह है कि यह घटना दो दिन तक दबाकर रखी गई, लेकिन जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, रेलवे विभाग में अफरा-तफरी मच गई।
आरपीएफ चौकी इंचार्ज नरवीर सिंह ने कहा कि “जांच की जा रही है, जल्द ही इस वारदात में शामिल लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।”
स्थानीय लोगों के मुताबिक, टिसुआ स्टेशन पर लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां होती रही हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
अब देखना यह है कि रेलवे प्रशासन इस हाई-प्रोफाइल डीजल चोरी कांड का पर्दाफाश कब तक करता है, क्योंकि मामला अब जनता की नजर में आ चुका है और जवाबदेही तय होना तय है..


