बरेली में बेसिक शिक्षकों के समायोजन पर बवाल, नियमों की अनदेखी का आरोप लगाकर डीएम को सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट /सत्य प्रकाश
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बरेली। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने जनपद बरेली में हाल ही में किए गए बेसिक शिक्षकों के समायोजन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। संघ का कहना है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा किए गए समायोजन में नियमों और शासनादेशों की खुली अनदेखी की गई है। इसके विरोध में शिक्षकों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
संघ के जिलाध्यक्ष शिव स्वरूप शर्मा एवं जिला मंत्री रोहित सिंह ने बताया कि समायोजन प्रक्रिया में महिला शिक्षकों को उनके ही विकास खंड में प्राथमिकता नहीं दी गई, बल्कि उन्हें अन्य विकास खंडों में भेज दिया गया है, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि कई ऐसे विद्यालयों से भी शिक्षकों को हटा दिया गया, जहां मात्र तीन माह पूर्व ही रिक्त पदों पर नियुक्तियां की गई थीं।
जूनियर विद्यालयों में विषय अध्यापकों के समायोजन में भी भारी लापरवाही सामने आई है। कुछ विद्यालयों में एक ही विषय के कई शिक्षक तैनात कर दिए गए हैं, जबकि कई स्कूल विषय विशेषज्ञों से पूरी तरह वंचित हो गए हैं। इसके अलावा मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों के ब्लॉक अध्यक्षों और मंत्रियों का भी अन्य विकास खंडों में समायोजन कर दिया गया, जो स्पष्ट रूप से शासनादेशों का उल्लंघन बताया जा रहा है।
संघ का यह भी आरोप है कि समायोजन से पहले किसी भी शिक्षक से विद्यालय का विकल्प नहीं लिया गया, जबकि पूर्व में यही प्रक्रिया अपनाई जाती रही है। अन्य जनपदों में जहां कनिष्ठ शिक्षकों का समायोजन किया गया, वहीं बरेली में वरिष्ठ शिक्षकों को समायोजन की प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने मांग की है कि अन्य जनपदों की तरह बरेली में भी निष्पक्ष, पारदर्शी एवं नियमों के अनुरूप समायोजन किया जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान शिव स्वरूप शर्मा, रोहित सिंह, अजरार हुसैन सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।


