चोरी की बैटरियों की जांच बनी पुलिस पर हमले की वजह, SOG टीम पर टूटा भीड़ का कहर
रिपोर्ट/ राजेश सिंह
बरेली। थाना बिथरी चैनपुर क्षेत्र में चोरी की बैटरियों के नेटवर्क की जांच उस वक्त हिंसक हो गई, जब जांच कर रही एसओजी टीम पर दबंगों ने सुनियोजित हमला बोल दिया। लाठी-डंडों से हुए इस हमले में एक कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। मामले में पुलिस ने 28 आरोपियों में से 4 को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना 22 जनवरी 2026 की शाम की है। एसओजी द्वितीय टीम को क्षेत्र में चोरी की बैटरियों की तस्करी की पुख्ता सूचना मिली थी। टीम ने चेकिंग के दौरान एक पिकअप वाहन को रोका, जिसमें बड़ी मात्रा में चोरी की बैटरियां लदी हुई थीं। वाहन सवारों से पूछताछ चल ही रही थी कि तभी एक स्विफ्ट कार मौके पर पहुंची।
कार से उतरे लोगों ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए पुलिस से बहस शुरू कर दी। देखते ही देखते गांव से बड़ी संख्या में लोग बुला लिए गए। कुछ ही मिनटों में 20 से अधिक लोगों की भीड़ ने एसओजी टीम को चारों ओर से घेर लिया और हमला बोल दिया।
हमले में कांस्टेबल मधुर को निशाना बनाते हुए जान से मारने की नीयत से पीटा गया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान हेड कांस्टेबल शशि कुमार सिंह और कांस्टेबल ज्ञानेन्द्र सिंह भी घायल हो गए।
हिंसक घटना के चलते सड़क पर यातायात ठप हो गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर स्थानीय थाना पुलिस तत्काल पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हमले में पूर्व प्रधान सहित गांव के कई दबंग शामिल थे। कुल 8 आरोपी नामजद किए गए हैं, जबकि 15–16 आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
आरोपियों के खिलाफ BNS की गंभीर धाराओं और 7 सीएलए एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसओजी और थाना पुलिस की संयुक्त टीम लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि पुलिस पर हमला करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।


