फर्जी शपथपत्र से अदालत को गुमराह करने का बड़ा खेल
कुख्यात हिस्ट्रीशीटर नासिर सिद्दीकी पर गंभीर आरोप, SSP से शिकायत
रिपोर्ट/राजेश कुमार
बरेली। थाना इज्जतनगर क्षेत्र में न्याय व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कुख्यात हिस्ट्रीशीटर नासिर सिद्दीकी पर फर्जी शपथपत्र के जरिए संगीन आपराधिक मुकदमे को खत्म कराने का गंभीर आरोप लगा है। मामले में पीड़ित दूल्हा मियां, निवासी ग्राम महलुआ, ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली से न्याय की गुहार लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित के अनुसार वर्ष 2022 में न्यायालय के आदेश पर थाना इज्जतनगर में अपराध संख्या 75/2022 के तहत नासिर सिद्दीकी सहित आठ आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468 और 471 आईपीसी में मुकदमा दर्ज कराया गया था। ये सभी धाराएं गंभीर प्रकृति की हैं, जिनमें आजीवन कारावास तक का प्रावधान है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि थाना इज्जतनगर में हिस्ट्रीशीट संख्या 44ए में दर्ज कुख्यात अपराधी नासिर सिद्दीकी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ित के नाम से फर्जी शपथपत्र तैयार कराया। पीड़ित का दावा है कि शपथपत्र में न तो उसका फोटो लगा है और न ही किसी अधिवक्ता द्वारा हस्ताक्षरों की पहचान कराई गई है। यहां तक कि शपथपत्र पर किए गए हस्ताक्षर भी पीड़ित के नहीं हैं।
आरोप है कि इस फर्जी शपथपत्र को नोटरी से तस्दीक कराकर झूठे समझौते का हवाला देते हुए अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। इतना ही नहीं, पुलिस से मिलीभगत कर मुकदमे में अंतिम आख्या तैयार कराकर उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बरेली की अदालत में भेज दिया गया।
जैसे ही पीड़ित को इस साजिश की जानकारी हुई, उसने तत्काल न्यायालय में अंतिम आख्या के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई। अब पीड़ित ने SSP बरेली से मांग की है कि नासिर सिद्दीकी सहित सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, फर्जी शपथपत्र तैयार करने, उसे असली के रूप में प्रयोग करने और मुकदमे को अवैध रूप से समाप्त कराने की साजिश के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
पीड़ित का कहना है कि यदि ऐसे मामलों पर कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होंगे और अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे।


