सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला — 5 साल से अधिक सेवा वाले शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य, 2 साल की मोहलत
रिपोर्ट/राजेश सिंह
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2025 में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्य होगी। अदालत ने कहा कि जिन शिक्षकों की सेवा में अभी 5 वर्ष से अधिक का समय शेष है और जिन्होंने अब तक TET उत्तीर्ण नहीं किया है, उन्हें दो वर्ष के भीतर यह परीक्षा पास करनी होगी।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि निर्धारित समय सीमा में TET पास न करने वाले शिक्षकों को या तो स्वेच्छा से इस्तीफा देना होगा या फिर उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory Retirement) का विकल्प अपनाना पड़ेगा।
हालांकि, जिन शिक्षकों की सेवा अवधि 5 वर्ष या उससे कम बची है, उन्हें इस अनिवार्यता से राहत दी गई है। ऐसे शिक्षक बिना TET पास किए अपनी शेष सेवा पूरी कर सकेंगे, लेकिन उन्हें पदोन्नति (Promotion) का लाभ नहीं मिलेगा।
क्या होगा प्रभाव?
इस फैसले का असर देशभर में बड़ी संख्या में शिक्षकों पर पड़ सकता है। अनुमान है कि उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में लाखों शिक्षक ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक TET उत्तीर्ण नहीं किया है। विशेष रूप से यूपी में लगभग 2 लाख शिक्षकों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
शिक्षक संगठनों में इस निर्णय को लेकर चिंता का माहौल है, जबकि कुछ राज्य सरकारें कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, लेकिन इसके क्रियान्वयन को लेकर आने वाले समय में व्यापक प्रशासनिक और कानूनी हलचल देखने को मिल सकती


