नेपाल मूल की महिला के ब्लॉक प्रमुख बनने का आरोप, विधानसभा में उठा मामला
रिपोर्ट /राजेश सिंह
उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्र धारचूला में ब्लॉक प्रमुख के पद को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। धारचूला के विधायक Harish Dhami ने विधानसभा में दावा किया कि धारचूला की वर्तमान ब्लॉक प्रमुख मूल रूप से नेपाल की नागरिक हैं और उनके पिता भी नेपाली नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि महिला के परिवार की पुश्तैनी जमीन और संपत्ति आज भी नेपाल में मौजूद है।
विधायक ने सदन के पटल पर सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से प्राप्त दस्तावेज रखते हुए यह आरोप लगाया कि संबंधित महिला ने भारत का अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण पत्र बनवा लिया है। उनके मुताबिक, यदि कोई विदेशी मूल की व्यक्ति अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र बनाकर चुनावी पद पर पहुंचती है, तो यह न सिर्फ कानून का उल्लंघन है बल्कि भारत की अनुसूचित जनजातियों के अधिकारों का भी हनन है।
हरीश धामी ने कहा कि यह मामला केवल एक पद का नहीं बल्कि पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। उन्होंने सरकार से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की और प्रशासनिक स्तर पर हुई संभावित लापरवाही की भी जिम्मेदारी तय करने की बात कही।
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक Munna Singh Chauhan ने भी इसे अत्यंत गंभीर मामला बताया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को इस पूरे प्रकरण की सूक्ष्म जांच करनी चाहिए और दो महीने के भीतर विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
मामला सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल चुनावी प्रक्रिया बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिकता और पहचान से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को भी उजागर कर सकता है। फिलहाल सबकी नजर जिला प्रशासन की संभावित जांच और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हुई है।


