भीषण गर्मी में डीएम बने मसीहा, बेहोश युवक को अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान
कलेक्ट्रेट में इंसानियत की मिसाल, डीएम अविनाश कुमार सिंह की तत्परता से युवक की बची जिंदगी
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली, 23 मई 2026। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच शनिवार को बरेली कलेक्ट्रेट में इंसानियत और संवेदनशील प्रशासन की ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिसकी हर ओर चर्चा हो रही है। फरियाद लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे एक युवक की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अविनाश कुमार सिंह खुद मौके पर पहुंचे और बिना किसी देरी के युवक को अपनी सरकारी गाड़ी से जिला अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
जानकारी के अनुसार युवक काफी देर से तेज धूप में अपनी शिकायत लेकर लाइन में खड़ा था। अत्यधिक गर्मी और लू के कारण अचानक उसे चक्कर आया और वह डीएम कार्यालय के बाहर बेहोश होकर गिर पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी अविनाश कुमार सिंह ने प्रोटोकॉल की परवाह किए बिना तत्काल मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए खुद मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने कर्मचारियों की मदद से युवक को उठवाया और तुरंत अपनी सरकारी गाड़ी में लिटाकर जिला अस्पताल रवाना हो गए।
अस्पताल पहुंचते ही शुरू हुआ इलाज
जिला अस्पताल पहुंचने के बाद डीएम के निर्देश पर सीएमओ विश्राम सिंह अपनी मेडिकल टीम के साथ तुरंत इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। डॉक्टर अमित ने बिना देर किए युवक का उपचार शुरू कराया। मेडिकल जांच में सामने आया कि युवक लू और डिहाइड्रेशन की वजह से बेहोश हुआ था। डॉक्टरों ने समय रहते अस्पताल पहुंचाने और तत्काल इलाज मिलने को युवक की जान बचने का सबसे बड़ा कारण बताया।
युवक के स्वस्थ होने तक अस्पताल में डटे रहे डीएम
मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए डीएम अविनाश कुमार सिंह अस्पताल में तब तक मौजूद रहे, जब तक डॉक्टरों ने युवक की हालत स्थिर नहीं बता दी। युवक के परिजनों ने डीएम और मेडिकल टीम का हाथ जोड़कर आभार व्यक्त किया। वहीं कलेक्ट्रेट और अस्पताल में मौजूद लोगों ने भी डीएम की तत्परता और संवेदनशील व्यवहार की जमकर सराहना की।
सोशल मीडिया पर भी हो रही सराहना
घटना के बाद सोशल Media पर भी डीएम अविनाश कुमार सिंह और सीएमओ विश्राम सिंह की खूब तारीफ हो रही है। लोग इसे प्रशासन का मानवीय चेहरा बताते हुए अधिकारियों की संवेदनशीलता की प्रशंसा कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी अविनाश कुमार सिंह पहले भी कई बार जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनते रहे हैं, लेकिन इस बार उन्होंने फरियाद सुनने से पहले फरियादी की जिंदगी बचाकर एक अलग मिसाल कायम कर दी।


