तहसील सदर में रिश्वतखोरी पर एंटी करप्शन का शिकंजा, 5 हजार रुपये लेते संग्रह अमीन रंगे हाथ गिरफ्तार
एनपीएस खाते से धन निकासी की फाइल आगे बढ़ाने के बदले मांगी थी रिश्वत, कैंटीन में बिछाए गए ट्रैप में फंसा आरोपी
रिपोर्ट सत्य प्रकाश
बरेली। भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गुरुवार को भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) बरेली की टीम ने तहसील सदर में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संग्रह अमीन को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई से तहसील परिसर में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, तहसील सदर में तैनात संग्रह अमीन जोरावर सिंह (55 वर्ष), निवासी अमलोनीपुर थाना भुता, पर रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायतकर्ता सुरेश चन्द्र, निवासी सम्राट अशोक नगर, नवादा जोगिया ने एंटी करप्शन संगठन को शिकायत देकर बताया था कि एनपीएस खाते से भूखंड खरीदने के लिए धन निकासी संबंधी आवेदन पर रिपोर्ट लगाकर फाइल आगे बढ़ाने के एवज में उससे 5 हजार रुपये की मांग की जा रही है।
शिकायत की गोपनीय जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र सिंह के नेतृत्व में विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। गुरुवार दोपहर करीब 2:45 बजे टीम ने तहसील सदर स्थित कैंटीन में जाल बिछाया। शिकायतकर्ता को केमिकल लगे नोट दिए गए और तय योजना के अनुसार आरोपी से मुलाकात कराई गई।
जैसे ही संग्रह अमीन ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। जांच के दौरान नोटों पर लगाए गए रासायनिक पदार्थ की पुष्टि भी हुई, जिसके बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के विरुद्ध थाना कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। एंटी करप्शन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उधर, तहसील सदर में रिश्वत लेते हुए कर्मचारी की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच खलबली मच गई। कई कर्मचारी कार्रवाई की चर्चा करते नजर आए। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि विभाग की छवि धूमिल करने वाले भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
एंटी करप्शन संगठन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत टोल फ्री नंबर अथवा संगठन के कार्यालय में दर्ज कराएं, ताकि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा सके।


