PACS कर्मचारियों की हड़ताल से नैनीताल के किसानों की बढ़ी परेशानी, गौलापार कुंवरपुर समिति के गोदामों पर लटके ताले; खाद-बीज के लिए भटक रहे किसान
देहरादून में 8 दिन से धरने पर पैक्स सचिव और कर्मचारी, रबी की बुवाई से पहले खाद-बीज की आपूर्ति प्रभावित होने से किसानों की चिंता बढ़ी
हल्द्वानी/गौलापार। उत्तराखंड में पैक्स (PACS) सचिवों और कर्मचारियों का आंदोलन अब ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। देहरादून स्थित निबंधक कार्यालय में कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन जारी है, वहीं नैनीताल जिले की कई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (एमपैक्स) में कामकाज प्रभावित होने से किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गौलापार क्षेत्र की बहुउद्देशीय कुंवरपुर किसान सेवा सहकारी समिति लिमिटेड के गोदामों पर ताले लटके होने की तस्वीर सामने आई है। गोदामों पर इफको (IFFCO) के बोर्ड लगे हैं, लेकिन किसानों को खाद-बीज लेने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। रबी सीजन की बुवाई नजदीक होने के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों को डीएपी, यूरिया और बीज के लिए निजी दुकानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
सहकारी समितियों में कामकाज प्रभावित, किसानों की बढ़ी मुश्किलें
किसानों के मुताबिक, सहकारी समितियों के माध्यम से उन्हें जरूरत के अनुसार खाद और बीज उपलब्ध हो जाते थे। लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल के चलते समितियों का कामकाज प्रभावित होने से कृषि संबंधी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है।
रबी सीजन में समय पर बुवाई और फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए खाद-बीज की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। ऐसे में समितियों में कामकाज ठप रहने से किसानों को समय और धन दोनों खर्च करने पड़ रहे हैं। किसानों ने सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर जल्द समाधान निकालने की मांग की है।
कैडर व्यवस्था और वेतन-भत्तों समेत कई मांगों को लेकर धरना
पैक्स सचिव एवं कर्मचारी संयुक्त संगठन के बैनर तले कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हर्षमणि नौटियाल, संयोजक प्रकाश जोशी, महामंत्री दिनेश कुमार यादव और उपाध्यक्ष सुमारी गौड़ के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन जारी है।
कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 1965 से चली आ रही कैडर व्यवस्था को राज्य गठन के बाद लागू नहीं किया गया है। इसके साथ ही वे वेतन-भत्तों से संबंधित समस्याओं के स्थायी समाधान और नई एमपैक्स समितियों के गठन से पहले उनकी भौगोलिक स्थिति एवं वित्तीय व्यवहार्यता का अध्ययन किए जाने की मांग कर रहे हैं।
महिला कार्मिकों मंजू उनियाल और राधा बौड़ाई ने भी स्वास्थ्य योजना तथा चाइल्ड केयर लीव जैसी सुविधाओं की मांग उठाई है।
14 अक्टूबर से क्रमिक अनशन, 16 अक्टूबर को सचिवालय घेराव का ऐलान
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 14 अक्टूबर से क्रमिक अनशन और 16 अक्टूबर को सचिवालय घेराव किया जाएगा। इससे आंदोलन आगे बढ़ने की आशंका है।
वहीं, नैनीताल जिले के किसानों के सामने खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर चिंता बनी हुई है। किसानों का कहना है कि रबी की बुवाई के महत्वपूर्ण समय में सहकारी समितियों का कामकाज प्रभावित होने से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
किसानों की सरकार से मांग—जल्द खुले गोदामों के ताले
किसानों ने सरकार और संबंधित विभागों से अपील की है कि कर्मचारी संगठन की मांगों पर बातचीत कर जल्द समाधान निकाला जाए, ताकि सहकारी समितियों में कामकाज सामान्य हो सके और किसानों को समय पर खाद-बीज मिल सकें।
अब सवाल यह है कि रबी की बुवाई के महत्वपूर्ण समय में किसानों को राहत देने के लिए सरकार और संबंधित विभाग कब तक ठोस कदम उठाते हैं।
भास्कर न्यूज24 | हल्द्वानी





