
किशमिश घोटाला! बरेली के कोल्ड स्टोरेज में 17 लाख की हेराफेरी,
फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह
मैनेजर–मालिक–सेल्समैन पर भारी धोखाधड़ी का आरोप
बरेली। किला थाना क्षेत्र में ड्राई फ्रूट कारोबार से जुड़े एक बड़े घोटाले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरदार नगर निवासी निखलेश कुमार, जो बरेली के फूटा दरवाजा स्थित सग मंगलम् ड्राई फूड्स में मैनेजर हैं, ने कोल्ड स्टोरेज संचालक, उसके मैनेजर और एक पूर्व सेल्समैन पर लगभग 17.5 लाख रुपये की किशमिश गवन करने, धोखाधड़ी करने और जानलेवा धमकियाँ देने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले की तहरीर थाना किला में दी गई है।
कैसे हुआ 17 लाख का ‘किशमिश घोटाला’
पीड़ित के अनुसार फर्म द्वारा महाराष्ट्र से मंगाए गए 1484 बक्से किशमिश बरेली के पीएस कोल्ड स्टोरेज में स्टोर किए गए थे। इन्हीं की बिक्री के लिए नीरज शुक्ला को सेल्समैन रखा गया था।
चार महीनों की नौकरी के दौरान नीरज के ऊपर माल और भुगतान में हेराफेरी के आरोप लगे, जिसके बाद उसे सितंबर 2023 में हटा दिया गया।
इसके बाद भुगतान व वसूली के नाम पर समय लेते-लेते नीरज ने कथित तौर पर कोल्ड स्टोरेज मालिक पुत्तू सिंह, उसके बेटे मयंक और मैनेजर उमेश सक्सेना से साठगांठ कर प्रार्थी की जानकारी के बिना भारी मात्रा में किशमिश बेच डाली।
स्टोरेज से गायब मिले 782 बक्से
प्रार्थी के अनुसार जब वह नवंबर 2023 में माल निकालने पहुँचा, तो स्टोरेज मैनेजर लगातार टालता रहा। कई दिनों की जांच के बाद पता चला कि स्टोर के रजिस्टर में नीरज शुक्ला के फर्जी हस्ताक्षर कर कुल 782 बक्से किशमिश
(कीमत—17,52,124 रुपये) निकालकर बेचे जा चुके थे। मौके पर केवल 88 बक्से ही बचे मिले।
साठगांठ की पुष्टि पर शुरू हुआ भुगतान—फिर रुका
स्टोरेज मालिक पुत्तू सिंह की मौजूदगी में जब हिसाब जोड़ा गया तो माल की गड़बड़ी सामने आने पर नीरज ने शहर के व्यापारियों से 4,48,159 रुपये दिलवाए। इससे पहले नौकरी के दौरान वह 4,44,800 रुपये दे चुका था। लेकिन अभी भी करीब 8.90 लाख रुपये बाकी हैं, जो आरोपी अब देने को तैयार नहीं हैं।
पैसा माँगने पर मारपीट, जान से मारने की धमकी
तहरीर के अनुसार भुगतान की मांग करने पर चारों आरोपियों ने प्रार्थी से मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। 28 जुलाई 2024 की रात निखलेश पर फिर हमला किया गया, जिसमें नीरज शुक्ला अपने तीन साथियों के साथ उसे घेरकर गालियाँ देने और पीटने लगा। शोर सुनकर मनोज आदि लोग पहुँचे, तब जाकर उसकी जान बची।
आपको बता दे पीड़ित ने थाना किला में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग कि पहले भी चौकी गढ़ी में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले और बढ़ गए। अब उसने किला थाने में अमानत में खयानत, धोखाधड़ी, गवन, मारपीट और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोपों में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
यह मामला पूरे बरेली के ड्राई फ्रूट व्यापार में भारी चर्चा का विषय बन चुका है। व्यापारी इसे बड़े ‘स्टोरेज फ्रॉड’ का मामला बता रहे हैं और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।