किशोरों के भावनात्मक स्वास्थ्य और काउंसलिंग पर तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण संपन्न,
रिपोर्ट सत्य प्रकाश
किशोर स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सीकेडी (CKD) एवं टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज़ (TISS) द्वारा बरेली में किया गया। यह प्रशिक्षण प्रोजेक्ट “उत्थान” के अंतर्गत आयोजित किया गया, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश (NHM, UP) के आरकेएसके (RKSK) डिवीजन के सहयोग से संचालित है।
इस प्रशिक्षण में एडोलसेंट हेल्थ काउंसलर्स (AHCs), इंटर कॉलेजों के हेल्थ एंड वेलनेस एम्बेसडर्स (HWAs), नोडल शिक्षकों, एसआरजी (SRG) सदस्यों एवं अन्य प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
प्रशिक्षण के दौरान किशोरों के मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई, जिनमें शामिल थे —
काउंसलिंग स्किल्स, किशोरावस्था में होने वाले परिवर्तन, आत्मघाती प्रवृत्तियाँ, आत्म-हानि (Self-harm), बुलीइंग, चिंता (Anxiety), अवसाद (Depression), ट्रॉमा से निपटना, उपलब्ध सेवाओं की जानकारी और उनकी पहुँच।
प्रोजेक्ट उत्थान का उद्देश्य किशोरों के भावनात्मक स्वास्थ्य को सशक्त बनाना तथा काउंसलर्स और शिक्षकों की क्षमता को बढ़ाना है ताकि वे स्कूल एवं समुदाय स्तर पर किशोरों के लिए सुरक्षित और सहायक माहौल (Safe Space) बना सकें।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने इंटरैक्टिव सत्रों, रोल प्ले, समूह चर्चा और केस स्टडी के माध्यम से काउंसलिंग तकनीकें, संवेदनशील संवाद कौशल, और सहानुभूति आधारित दृष्टिकोण को सीखा।
कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि किशोरों की मानसिक और भावनात्मक भलाई के लिए परिवार, स्कूल, और समुदाय — तीनों स्तरों पर संवेदनशीलता और संवाद आवश्यक हैं।
मुख्य वक्तव्य में यह भी कहा गया कि “किशोरों को समझना और उन्हें सुनना ही पहला कदम है उनकी भलाई की ओर।”
यह प्रशिक्षण सत्र प्रतिभागियों के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव रहा जिसने उन्हें न केवल पेशेवर रूप से सशक्त किया बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी किशोरों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने की दिशा में प्रेरित किया।