“खूनी प्यार” का सनसनीखेज खुलासा: पत्नी और प्रेमी ने रची थी सुरेश पाल की हत्या की साजिश, पांच महीने पहले लिखी गई थी मौत की स्क्रिप्ट
रिपोर्ट/राजेश सिंह
बरेली के सिरौली थाना क्षेत्र में हुए सुरेश पाल हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस जघन्य हत्याकांड के पीछे कोई बाहरी नहीं, बल्कि मृतक की पत्नी ममता और उसका प्रेमी होतम ही निकले। पुलिस की सघन जांच में सामने आया कि अवैध प्रेम संबंधों के चलते दोनों ने मिलकर सुरेश पाल को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी।
एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देशन में और आईपीएस अंशिका वर्मा की प्रभावी निगरानी में की गई जांच ने महज कुछ ही दिनों में “खूनी प्यार” के इस काले सच को बेनकाब कर दिया। पुलिस के अनुसार, ममता और गांव के ही युवक होतम के बीच लंबे समय से अवैध संबंध थे। दोनों करीब पांच महीने से हत्या की पूरी योजना तैयार कर रहे थे और सही मौके की तलाश में थे।
जांच में सामने आया कि ममता अपने प्रेमी होतम के साथ रहना चाहती थी। वह पति सुरेश पाल को छोड़कर भागने का दबाव बना रही थी, लेकिन जब होतम पीछे हट गया तो दोनों ने हत्या का फैसला कर लिया। शनिवार रात जैसे ही मौका मिला, ममता ने अपने पति को संभाल लिया और होतम ने हथौड़े से उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले की क्रूरता इतनी ज्यादा थी कि सुरेश पाल की मौके पर ही मौत हो गई।
सबूत मिटाने की कोशिश, लेकिन पुलिस ने तोड़ा झूठ का जाल
हत्या के बाद ममता और होतम ने पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की। ममता ने अपना मोबाइल सिम तोड़कर फेंक दिया, हथौड़े को पानी से धोकर साफ किया गया और घटना को सामान्य मौत दिखाने की साजिश रची गई। लेकिन आईपीएस अंशिका वर्मा की निगरानी में हुई तकनीकी जांच और सख्त पूछताछ ने आरोपियों की हर चाल नाकाम कर दी।
एक झूठ बना गिरफ्तारी की वजह, व्हाट्सऐप चैट से खुली साजिश
पूछताछ के दौरान ममता ने खुद को अनजान बताने की कोशिश की, लेकिन यही झूठ उसके लिए सबसे बड़ा सबूत बन गया। डिजिटल साक्ष्यों की जांच में होतम और ममता के बीच लगातार व्हाट्सऐप वीडियो कॉल, वॉयस कॉल और चैट के प्रमाण मिले। कई मैसेज डिलीट किए जा चुके थे, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया। इसके बाद होतम को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई, जहां उसने पूरी हत्या की योजना कबूल कर ली।
दोनों आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए
पुलिस ने ठोस साक्ष्यों के आधार पर ममता और उसके प्रेमी होतम को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ हत्या समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
इस मामले में आईपीएस अंशिका वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा,
“कानून से ऊपर कोई नहीं है। चाहे अपराध कितनी ही चतुराई से क्यों न किया गया हो, पुलिस उसे उजागर कर ही देती है।”


