दूषित पेयजल को लेकर फूटा लोगों का गुस्सा, अधिकारी पर नोटों की गड्डियां फेंकने का वायरल वीडियो, भ्रष्टाचार पर फिर उठे सवाल
संपादक/धीरेंद्र सिंह धीरू
खबर:
गुजरात। गुजरात से सामने आए एक वायरल वीडियो ने एक बार फिर प्रशासनिक तंत्र और भ्रष्टाचार की जड़ों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दूषित पेयजल की लगातार शिकायतों से नाराज स्थानीय लोगों ने एक सरकारी अधिकारी पर खुलेआम नोटों की गड्डियां फेंकते हुए उस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों का गुस्सा साफ झलकता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार दूषित पेयजल की समस्या को लेकर शिकायत की, लेकिन कथित लेनदेन और मिलीभगत के चलते उनकी बातों को नजरअंदाज किया जाता रहा। लोगों का कहना है कि मजबूर होकर उन्हें इस तरह विरोध करना पड़ा ताकि उनकी आवाज सुनी जा सके।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब अंतरराष्ट्रीय करप्शन परसेप्शन इंडेक्स में भारत की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। वर्ष 2016 में जहां भारत 79वें स्थान पर था, वहीं 2024 में यह फिसलकर 96वें पायदान पर पहुंच गया है, जो चिंता का विषय माना जा रहा है।
इस मामले पर टिप्पणी करते हुए विचारक आचार्य प्रशांत का कथन भी चर्चा में है, जिसमें उन्होंने कहा है कि भ्रष्टाचार की जड़ किसी एक व्यवस्था में नहीं, बल्कि व्यक्ति की सोच और मानसिकता में होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक समाज और सिस्टम से जुड़े लोगों की मानसिकता में बदलाव नहीं आएगा, तब तक कानून, नियम और नीतियां भी अपेक्षित असर नहीं दिखा पाएंगी।
फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच और कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वायरल वीडियो ने जनआक्रोश और जवाबदेही की मांग को और तेज कर दिया है।


