धर्मांतरण, जनसंख्या कानून और बांग्लादेशी घुसपैठ पर प्रवीण तोगड़िया का तीखा हमला
रिपोर्ट /सत्य प्रकाश
बरेली। अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने बरेली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान धर्मांतरण, जनसंख्या नियंत्रण कानून और बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे संवेदनशील मुद्दों पर तीखे बयान दिए। उन्होंने बांग्लादेश सहित अन्य देशों में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों को गंभीर और चिंताजनक बताया।
डॉ. तोगड़िया ने कहा कि कई देशों में दिनदहाड़े हिंदुओं की हत्याएं हो रही हैं और बहन-बेटियों पर अत्याचार किए जा रहे हैं, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह अमेरिका ने नाइजीरिया में ईसाइयों पर हमलों के बाद सेना भेजकर कार्रवाई की, उसी तरह भारत सरकार को भी दुनिया भर में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाने चाहिए।
धर्मांतरण पर जताई चिंता
धर्मांतरण के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश में बड़ी संख्या में हिंदुओं का ईसाई और मुस्लिम समुदायों में धर्मांतरण कराया जा रहा है। इसे उन्होंने एक गंभीर सामाजिक समस्या बताते हुए कहा कि जहां भी ऐसी घटनाएं हों, वहां हिंदू समाज को एकजुट होकर विरोध करना चाहिए और अपनी संस्कृति व अस्तित्व की रक्षा करनी चाहिए।
जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग
जनसंख्या कानून को लेकर डॉ. तोगड़िया ने कहा कि एक देश में दो अलग-अलग कानून नहीं चल सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुओं पर दो से अधिक बच्चों की स्थिति में कई सरकारी सुविधाओं पर रोक लग जाती है, जबकि अन्य समुदायों पर ऐसे नियम समान रूप से लागू नहीं होते। उन्होंने मांग की कि जनसंख्या नियंत्रण कानून सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होना चाहिए। साथ ही कहा कि कानून लागू होने के एक वर्ष बाद यदि कोई परिवार निर्धारित सीमा से अधिक बच्चे पैदा करता है, तो उसे सरकारी सुविधाएं, सरकारी स्कूलों में प्रवेश, नौकरियां और अन्य लाभ नहीं मिलने चाहिए।
बांग्लादेशी घुसपैठ पर सख्त रुख
बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर डॉ. तोगड़िया ने कहा कि 1991 की मतदाता सूची को आधार बनाकर सघन जांच की जानी चाहिए। उनका दावा था कि यदि ईमानदारी और सख्ती से जांच हो, तो अवैध घुसपैठ की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
अंत में उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद हिंदुओं की सुरक्षा, अधिकारों और संस्कृति की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी और इस दिशा में संघर्ष जारी रहेगा।
