धर्म, साहस और बलिदान के प्रतीक गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती आज
संपादक/धीरेंद्र सिंह (धीरू)
सिख धर्म के दसवें गुरु और खालसा पंथ के संस्थापक श्री गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती आज देशभर में श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। इस अवसर पर गुरुद्वारों में विशेष दीवान सजाए गए, कीर्तन हुए और गुरु ग्रंथ साहिब के पावन संदेशों का वाचन किया गया।
श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने अपने जीवन को धर्म की रक्षा, अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और मानवता की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने समाज को समानता, साहस और आत्मसम्मान का संदेश दिया। वर्ष 1699 में खालसा पंथ की स्थापना कर उन्होंने अत्याचार के खिलाफ संगठित शक्ति को जन्म दिया।
गुरु गोविंद सिंह जी का जीवन त्याग और बलिदान का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने अपने चारों पुत्रों का बलिदान देकर भी धर्म और सत्य के मार्ग से कभी विचलित नहीं हुए। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को निडर होकर सत्य के पक्ष में खड़े होने की प्रेरणा देती हैं।
गुरु जयंती के अवसर पर विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों द्वारा लंगर, सेवा कार्य और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने गुरु जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
गुरु गोविंद सिंह जयंती पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।
