नवाबगंज की ओसवाल चीनी मिल बंद,बहेड़ी की केसर मिल पर भी संकट बरकरार
फिरोज खान/यूपी हेड
रिपोर्ट/राजेश सिंह
69 हजार किसानों के 203 करोड़ रुपये फंसे!
बरेली। गन्ना किसानों के लिए बुरी खबर है। बरेली जिले की नवाबगंज ओसवाल ओवरसीज चीनी मिल ने इस सत्र में गन्ना पेराई न करने का निर्णय लिया है। वहीं बहेड़ी की केसर इंटरप्राइजेज चीनी मिल की स्थिति भी बेहद खराब है और उसके चलने पर अभी भी संशय बना हुआ है।
दोनों चीनी मिलों पर किसानों के करीब 203.45 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य बकाया है। इनमें नवाबगंज मिल पर 24 हजार किसानों का 58 करोड़ रुपये, जबकि बहेड़ी मिल पर 45 हजार किसानों का 146 करोड़ रुपये बकाया है।
किसानों की उम्मीदों पर फिर पानी
पिछले सत्र में खरीदे गए गन्ने का भुगतान न कर पाने वाली नवाबगंज मिल अब पूरी तरह से बंद रहने जा रही है। इससे इस क्षेत्र के किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। प्रशासन ने इन किसानों को अब बहेड़ी, मीरगंज, फरीदपुर और पीलीभीत की एलएच शुगर मिलों से संबद्ध किया है।
बहेड़ी मिल प्रबंधन ने कहा है कि यदि धन की व्यवस्था हो गई तो 17-18 नवंबर से मिल शुरू की जाएगी। वहीं, सीईओ शरत मिश्र का कहना है कि 31 दिसंबर तक बकाया भुगतान करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल, मिल के गन्ना आपूर्ति में 30 प्रतिशत की कटौती की गई है।
जिले में चल रहीं ये मिलें इस सत्र में सेमीखेड़ा, मीरगंज और फरीदपुर चीनी मिलों ने पेराई शुरू कर दी है। वहीं, नई बनी त्रिवटीनाथ चीनी मिल भी इसी सत्र से गन्ना पेराई शुरू करेगी। बहेड़ी और नवाबगंज की मिलें अभी भी बंद हैं।
जिले में गन्ना आवंटन (लाख क्विंटल में)
चीनी मिल आवंटित गन्ना
बहेड़ी 124.50
फरीदपुर 122.06
सेमीखेड़ा 73.10
मीरगंज 64.05
त्रिवटीनाथ 40.54
जिला गन्ना अधिकारी बोले जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सैनी ने बताया कि बहेड़ी चीनी मिल प्रबंधन ने किसानों को पर्चियां जारी करने की बात कही है, लेकिन यदि बुधवार तक ऐसा नहीं होता, तो मिल के चालू होने पर संदेह रहेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल तीन मिलें पूरी क्षमता से चालू हो चुकी हैं।


