नाथ नगरी बनेगी नया धार्मिक टूरिज्म हब, 100 करोड़ से संवारे जाएंगे 7 प्राचीन नाथ मंदिर
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह का विपक्ष पर हमला, बोले- “पहले की सरकारों ने संस्कृति को कभी महत्व नहीं दिया”
रिपोर्ट सत्य प्रकाश
बरेली। ‘नाथ नगरी’ के नाम से पहचान रखने वाला बरेली अब धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित होने जा रहा है। बुधवार को त्रिवटी नाथ मंदिर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने करीब 100 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने मंदिरों और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए कभी गंभीर प्रयास नहीं किए।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में धार्मिक स्थलों का तेजी से विकास हो रहा है और अब बरेली के सातों प्राचीन नाथ मंदिरों को जोड़कर एक भव्य “नाथ कॉरिडोर” तैयार किया जाएगा। इससे न सिर्फ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
“काशी-अयोध्या की तर्ज पर होगा नाथ नगरी का विकास”
कार्यक्रम में मौजूद बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि जिस तरह काशी, अयोध्या और मथुरा का कायाकल्प हुआ है, उसी तरह अब बरेली की पहचान भी धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर मजबूत की जाएगी। उन्होंने कहा कि नाथ कॉरिडोर बनने से देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचेंगे।
वहीं मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि सरकार केवल सप्त नाथ मंदिरों तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले के 32 धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए भी बड़ी राशि स्वीकृत की गई है।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत त्रिवटी नाथ संस्कृत महाविद्यालय के छात्रों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार से हुई। मंच पर सांसद छत्रपाल गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, विधायक डॉ. एमएल मौर्या, डॉ. एमपी आर्या, एमएलसी बहोरन लाल मौर्य और कुंवर महाराज सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
किन धार्मिक स्थलों को मिला कितना बजट
सरकार ने जिले के 32 धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास के लिए कुल 9,908.54 लाख रुपये मंजूर किए हैं। प्रमुख परियोजनाएं इस प्रकार हैं—
अलखनाथ मंदिर — 1167.40 लाख रुपये
तुलसी मठ — 971.50 लाख रुपये
तपेश्वर नाथ मंदिर — 836.98 लाख रुपये
धोपेश्वर नाथ मंदिर — 771.74 लाख रुपये
त्रिवटी नाथ मंदिर — 655.65 लाख रुपये
वनखण्डी नाथ मंदिर — 582.08 लाख रुपये
20 धार्मिक स्थलों पर फोकस वॉल निर्माण — 497.76 लाख रुपये
कांवड़ स्थलों का विकास — 401.95 लाख रुपये
बड़ा बाग हनुमान मंदिर — 355.54 लाख रुपये
पशुपति नाथ मंदिर — 298.93 लाख रुपये
लीलौर झील और ढिलवारी राम कटोरा ताल — 295.17 लाख रुपये
नानकपुरी गुरुद्वारा — 288.23 लाख रुपये
भीठानाथ मंदिर — 221.90 लाख रुपये
अहिच्छत्र से द्रोपदी स्वयंवर थीम पार्क तक होंगे बड़े काम
सरकार द्वारा अहिच्छत्र पर्यटन विकास, द्रोपदी स्वयंवर थीम पार्क, श्रीरामजानकी मंदिर, त्रिवटीनाथ फसाड लाइटिंग और राही मोटल के उच्चीकरण जैसी परियोजनाओं पर भी करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि इन योजनाओं के पूरा होने के बाद बरेली धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनकर


