नेपाल के नेता बालेन शाह के ‘ग्रेटर नेपाल’ नक्शे पर विवाद, भारत ने जताई आपत्ति
रिपोर्ट/राजेश सिंह
नेपाल की राजनीति में चर्चा में रहे काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह एक बार फिर विवादों में हैं। मेयर रहते हुए उन्होंने अपने कार्यालय में तथाकथित “ग्रेटर नेपाल” का नक्शा लगवाया था, जिसमें भारत के कई हिस्सों—जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्र—नेपाल का हिस्सा दिखाए गए थे। इस कदम के बाद भारत-नेपाल संबंधों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई।
बताया गया कि यह नक्शा भारत की संसद भवन में लगाए गए “अखंड भारत” से जुड़े ऐतिहासिक चित्र के जवाब के रूप में लगाया गया था। बालेन शाह ने इसे नेपाल के ऐतिहासिक विस्तार से जोड़कर प्रतीकात्मक कदम बताया।
इस मुद्दे पर भारत ने कड़ा रुख दिखाया। भारत के विदेश मंत्रालय ने ऐसे नक्शों और दावों को अस्वीकार्य बताया और कहा कि भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। भारत का कहना है कि इस तरह के नक्शे या दावे ऐतिहासिक तथ्यों और द्विपक्षीय समझ के अनुरूप नहीं हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के नक्शे आधिकारिक नहीं होते और अक्सर राजनीतिक या प्रतीकात्मक बयान के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं। हालांकि, ऐसे कदम दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवेदनशीलता को बढ़ा सकते हैं।
संक्षेप में:
काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह ने अपने कार्यालय में “ग्रेटर नेपाल” का नक्शा लगाया था।
नक्शे में भारत के कुछ क्षेत्रों को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया था।
भारत सरकार ने इस तरह के दावों पर आपत्ति जताते हुए इसे अस्वीकार्य बताया और संप्रभुता का सम्मान करने की बात कही।


