नैनीताल रोड पर 386 अतिक्रमण चिन्हित, मॉडल रोड के लिए नगर निगम सख्त
एक हफ्ते की मोहलत के बाद चलेगा बुलडोजर, 100 साल पुराने नक्शे से तय हो रही सड़क की असली चौड़ाई
रिपोर्ट सत्य प्रकाश
बरेली।शहर के नैनीताल रोड पर सीएम ग्रिड योजना के तहत प्रस्तावित मॉडल रोड निर्माण में बाधा बन रहे अतिक्रमणों पर नगर निगम ने सख्ती शुरू कर दी है। शुक्रवार को चलाए गए चिह्नीकरण अभियान में कोहाड़ापीर पेट्रोल पंप से कुदेशिया फाटक तक सड़क के दोनों किनारों पर कुल 386 छोटे-बड़े अवैध कब्जे चिन्हित किए गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
नगर निगम टीम के मुताबिक कई स्थानों पर एक फीट से लेकर 16 फीट तक सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण पाया गया। इसमें स्कूल-कॉलेज की बाउंड्री, अपार्टमेंट के गेट, अस्पताल, बरातघर, दुकानों और मकानों के हिस्से तक शामिल हैं। अब इन सभी स्थानों पर नोटिस चस्पा किए जाएंगे। कब्जाधारियों को एक सप्ताह का समय दिया जाएगा कि वे स्वयं अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा प्रशासन पीलीभीत रोड की तर्ज पर बुलडोजर कार्रवाई करेगा।
जाम से राहत के लिए सख्ती जरूरी
नैनीताल रोड लंबे समय से अतिक्रमण और जाम की समस्या से जूझ रहा है। सीएम ग्रिड योजना के तहत कोहाड़ापीर, सूद धर्मकांटा और कुदेशिया फाटक तक सड़क को मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाना है, लेकिन अवैध कब्जों के चलते काम प्रभावित हो रहा था। गुरुवार से शुरू हुआ अभियान शुक्रवार को भी जारी रहा और करीब तीन घंटे तक चला। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
पुराने नक्शे से तय हो रही असली सीमा
नगर निगम इस कार्रवाई में वर्ष 1920-21 के पुराने नक्शे का सहारा ले रहा है, जिसके आधार पर सड़क की मूल चौड़ाई चिन्हित की जा रही है। हालांकि कई लोग इस पर आपत्ति जता रहे हैं, लेकिन निगम प्रशासन का कहना है कि सभी आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने स्पष्ट किया कि सड़क और फुटपाथ आम जनता की सुविधा के लिए हैं और उन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीएम ग्रिड योजना शासन की प्राथमिकता में है, इसलिए नियमों के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


