प्यार के लिए बदला धर्म, अगस्त्य मुनि आश्रम में वैदिक रीति से विवाह
नवविवाहित जोड़े ने जताया जान का खतरा, पुलिस सुरक्षा की मांग
रिपोर्ट/ सत्य प्रकाश
बरेली जिले में अंतरधार्मिक प्रेम विवाह का मामला सामने आया है, जो इन दिनों चर्चा में बना हुआ है। मीरगंज क्षेत्र की 20 वर्षीय युवती ने अपनी मर्जी से हिंदू धर्म स्वीकार कर अपने प्रेमी के साथ वैदिक रीति-रिवाज से विवाह किया है। यह विवाह मढ़ीनाथ स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम में संपन्न हुआ, जहां पंडित के.के. शंखधार ने मंत्रोच्चार के बीच दोनों का विवाह संपन्न कराया।
धर्म परिवर्तन के बाद युवती ने अपना नाम बदलकर अंशिका रख लिया है। विवाह से पूर्व शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी की गई और सनातन परंपराओं के अनुसार सभी रस्में निभाई गईं। अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए गए और युवती ने सुहाग के प्रतीक धारण किए।
पांच साल पुराना है प्रेम संबंध
बताया गया कि अंशिका की बहन की शादी भोजीपुरा थाना क्षेत्र के पीपलसाना गांव में हुई थी। करीब पांच वर्ष पहले गांव में लगे एक मेले के दौरान उसकी मुलाकात मोनू से हुई। बातचीत के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता प्रेम में बदल गया। मोनू वर्तमान में दिल्ली में फल-सब्जी के कारोबार से जुड़ा हुआ है।
जब युवती ने अपने परिजनों को इस रिश्ते की जानकारी दी तो धर्म अलग होने को लेकर विरोध शुरू हो गया। युवती का आरोप है कि उसे और उसके पति को जान से मारने की धमकियां भी मिली हैं।
डीएम को सौंपा शपथ पत्र
विवाह से पहले युवती ने जिला प्रशासन को शपथ पत्र सौंपकर स्पष्ट किया कि उसने अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन किया है और उस पर किसी प्रकार का दबाव नहीं है। शपथ पत्र में उसने कुछ सामाजिक कुप्रथाओं से असहमति जताते हुए लंबे समय से सनातन परंपराओं में आस्था होने की बात भी कही है।
अज्ञात स्थान पर रह रहा दंपती
विवाह के बाद से ही नवविवाहित जोड़ा खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। अंशिका ने परिजनों से जान का खतरा बताते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग की है। फिलहाल दोनों किसी सुरक्षित और गोपनीय स्थान पर रह रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही दंपती भोजीपुरा थाने पहुंचकर विवाह से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करेगा और औपचारिक रूप से पुलिस सुरक्षा की मांग करेगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


