Home Uttar Pradesh प्रयागराज: पूर्व DGP प्रशांत कुमार ने यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग अध्यक्ष...

प्रयागराज: पूर्व DGP प्रशांत कुमार ने यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग अध्यक्ष पद का संभाला कार्यभार

0

प्रयागराज: पूर्व DGP प्रशांत कुमार ने यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग अध्यक्ष पद का संभाला कार्यभार

भास्कर न्यूज24/न्यूज एजेंसी 

उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) के अध्यक्ष पद का औपचारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया है। उनकी नियुक्ति दो दिन पहले राज्य सरकार द्वारा की गई थी, जिसके बाद शुक्रवार को उन्होंने आयोग के मुख्यालय प्रयागराज पहुंचकर पदभार ग्रहण किया।

कार्यभार संभालते ही प्रशांत कुमार ने आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित भर्तियों, परीक्षा प्रक्रिया और प्रशासनिक ढांचे की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करना होगी

🔹 मेरिट से कोई समझौता नहीं

नव नियुक्त अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षक भर्तियों को लेकर अभ्यर्थियों में लंबे समय से असंतोष और अनिश्चितता रही है, जिसे दूर करना उनकी जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा,

“चयन प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित होगी। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

🔹 दो दिन पहले हुई थी नियुक्ति

उत्तर प्रदेश सरकार ने 17 दिसंबर को आदेश जारी कर पूर्व DGP प्रशांत कुमार को यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था। यह पद पिछले कुछ महीनों से रिक्त चल रहा था, जिससे कई शिक्षक भर्तियां प्रभावित हो रही थीं। सरकार के इस फैसले को भर्ती प्रक्रिया में सख्ती और विश्वसनीयता लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है

🔹 लंबित भर्तियों पर टिकीं निगाहें

आयोग के सामने सबसे बड़ी चुनौती विभिन्न विषयों की लंबित शिक्षक भर्तियों को समय पर पूरा करना है। हजारों पद वर्षों से खाली पड़े हैं और अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे थे।

प्रशांत कुमार की नियुक्ति के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि:

परीक्षा कैलेंडर जल्द जारी होगा

रुकी हुई भर्तियों को गति मिलेगी

चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी

🔹 प्रशासनिक अनुभव को मिलेगा फायदा

1990 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे प्रशांत कुमार कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक सख्ती के लिए जाने जाते हैं। पुलिस विभाग में लंबे अनुभव के कारण उन्हें सिस्टम मैनेजमेंट और निर्णय लेने में दक्ष अधिकारी माना जाता है। अब यह देखना अहम होगा कि वे शिक्षा सेवा चयन आयोग को किस तरह नई दिशा देते हैं।

🔹 अभ्यर्थियों में जगी उम्मीद

कार्यभार ग्रहण करने की खबर के बाद शिक्षक अभ्यर्थियों में नई उम्मीद जगी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि आयोग निष्पक्षता और समयबद्धता से काम करता है, तो वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता खत्म हो सकती है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version