फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट से नौकरी का आरोप: डिप्टी GST कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह की मुश्किलें बढ़ीं, जांच अंतिम चरण में
/राजेश सिंह
अयोध्या।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम पर भावुक होकर इस्तीफा देने वाले अयोध्या के डिप्टी जीएसटी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह अब एक गंभीर और सनसनीखेज़ आरोपों के घेरे में हैं। उन पर फर्जी विकलांग (दिव्यांग) प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है, जिसकी जांच इस समय अंतिम चरण में बताई जा रही है।
इस पूरे प्रकरण का खुलासा यूट्यूब चैनल “टॉप सीक्रेट” से बातचीत के दौरान प्रशांत कुमार सिंह के सगे बड़े भाई डॉ. विश्वजीत सिंह ने किया। खास बात यह है कि डॉ. विश्वजीत सिंह खुद ही इस मामले के शिकायतकर्ता हैं और उन्होंने कई अहम दस्तावेज़ व जानकारियां सामने रखी हैं।
डॉ. विश्वजीत सिंह के अनुसार, जांच के दौरान बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद प्रशांत कुमार सिंह मेडिकल बोर्ड के सामने पेश नहीं हो रहे हैं, जिससे उनकी भूमिका और संदिग्ध होती जा रही है। इसी को लेकर मऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं को एक पत्र लिखा है।
इस पत्र में साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि प्रशांत कुमार सिंह तय तिथियों पर मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। यह पत्र 19 दिसंबर 2025 का बताया जा रहा है। इतना ही नहीं, इस मामले से संबंधित राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन का पत्र भी फाइल में संलग्न है, जिससे प्रकरण की गंभीरता और बढ़ जाती है।
सूत्रों के मुताबिक, यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो यह मामला न सिर्फ सेवा नियमों के उल्लंघन का होगा, बल्कि कानूनी कार्रवाई तक जा सकता है। फिलहाल, सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो किसी भी वक्त सामने आ सकती है।


