फर्जी IAS बनकर ठगी करने वाली तीन बहनों पर अब गैंगस्टर की तैयारी, 56 लाख फ्रीज
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। खुद को IAS अधिकारी बताने वाली विप्रा शर्मा और उसकी बहनों पर अब पुलिस गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीनों बहनें संगठित गिरोह बनाकर लंबे समय से लोगों को झांसे में लेकर ठगी कर रही थीं।
बारादरी और सुभाष नगर थानों में तीनों बहनों के खिलाफ अब तक 12 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें 10 मुकदमे बारादरी और 2 मुकदमे सुभाष नगर थाने में दर्ज हैं। पुलिस ने एक मामले में विप्रा के ड्राइवर और दूसरे में उसके पिता को भी आरोपी बनाया है। फिलहाल तीनों बहनें जेल में बंद हैं और किसी को भी जमानत नहीं मिली है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब बारादरी निवासी प्रीति लायल ने शिकायत दर्ज कराई कि विप्रा शर्मा और उसकी बहनों ने सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनसे और अन्य लोगों से करीब 12 लाख रुपये ठग लिए। शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों में जमा 56 लाख रुपये फ्रीज कर दिए हैं। इसके अलावा 4.50 लाख रुपये नकद, एक एसयूवी कार और कई फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब बैंक ट्रांजैक्शन और दस्तावेजों के जरिए पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक, गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है और कई अन्य लोग भी इनके संपर्क में थे। इसी आधार पर पुलिस अब गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की फाइल तैयार कर रही है।
