बरेली कलेक्ट्रेट में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का रिहर्सल, हवाई हमले जैसी आपात स्थिति से निपटने का अभ्यास
रिपोर्ट: सत्य प्रकाश
बरेली। सिविल डिफेंस बरेली द्वारा गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का रिहर्सल आयोजित किया गया। यह अभ्यास शाम करीब 6:15 बजे शुरू हुआ, जिसमें हवाई हमले जैसी आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का परीक्षण किया गया।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य आम नागरिकों, सरकारी कार्यालयों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को परखना और आपात स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों का व्यावहारिक अभ्यास कराना रहा। रिहर्सल के दौरान प्रकाश प्रतिबंध (ब्लैकआउट) से जुड़ी सभी आवश्यक सावधानियों का पालन कराया गया।
निर्धारित समयावधि में कलेक्ट्रेट परिसर की सभी आंतरिक व बाहरी लाइटें बंद कराई गईं। इसके साथ ही आसपास स्थित कार्यालयों, चेम्बरों और आवासीय क्षेत्रों में भी ब्लैकआउट के नियमों का सख्ती से पालन कराया गया, ताकि किसी भी प्रकार का प्रकाश बाहर दिखाई न दे।
सिविल डिफेंस के वार्डनों ने क्षेत्र में भ्रमण कर यह सुनिश्चित किया कि सभी स्थानों पर ब्लैकआउट नियमों का सही ढंग से अनुपालन हो रहा है। मॉक ड्रिल के दौरान नागरिकों को घरों के भीतर रहने, सभी प्रकार की लाइटें बंद रखने, टॉर्च, मोबाइल फ्लैश, माचिस का उपयोग न करने और धूम्रपान से परहेज करने के निर्देश दिए गए।
जहां-जहां से प्रकाश बाहर निकलने की संभावना थी, वहां काले कागज या पर्दों से ढकने का अभ्यास कराया गया। साथ ही लोगों से शांत रहने, सावधानीपूर्वक चलने और किसी भी तरह की अफरा-तफरी न मचाने की अपील की गई।
इस मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि इस तरह के ब्लैकआउट अभ्यास भविष्य में युद्ध या हवाई हमले जैसी विषम परिस्थितियों में जनसुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने आमजन से सिविल डिफेंस द्वारा आयोजित ऐसे अभ्यासों में पूर्ण सहयोग करने और ब्लैकआउट से जुड़ी सावधानियों के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
यह मॉक ड्रिल आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।


