Tuesday, April 21, 2026
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बरेली के लकी मखानी का दिल्ली में मिला शव, दोस्त पर हत्या का शक घर में सिर्फ मां और दादी रह गईं

बरेली के लकी मखानी का दिल्ली में मिला शव, दोस्त पर हत्या का शक घर में सिर्फ मां और दादी रह गईं

फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/हैदर अली

बरेली/दिल्ली/नोएडा में नौकरी करने वाले बरेली निवासी लकी मखानी (25) का शव मंगलवार को दिल्ली में खून से लथपथ हालत में मिला। बीते आठ दिनों से लापता चल रहे लकी की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया।

परिजन उसके दोस्त पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच शुरू कर दी है।

आठ दिन से लापता था लकी मखानी

बरेली की बदायूं रोड स्थित बीडीए कॉलोनी निवासी लकी मखानी 4 नवंबर से लापता था। नोएडा सेक्टर-62 स्थित जुबली टेक्नोलॉजी इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (ब्लॉक C-41) में वह नौकरी करता था। परिवार के मुताबिक, उसने अप्रैल में यह जॉब जॉइन की थी और करीब छह साल से बाहर रह रहा था।
4 नवंबर को लकी ऑफिस से छुट्टी लेकर निकला था, लेकिन उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला। 7 नवंबर को उसकी मां ज्योति देवी ने नोएडा के सेक्टर-58 थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

आखिरी बार मां से हुई थी 11:35 बजे बात

लकी की मां ज्योति देवी ने बताया कि आखिरी बार मंगलवार सुबह 11:35 बजे बेटे से फोन पर बात हुई थी। इसके बाद से वह संपर्क में नहीं आया। जानकारी के मुताबिक, उससे पहले की रात लकी अपने एक दोस्त के साथ बाहर गया था। दोस्त ने बताया कि उसने लकी को हाइवे पर छोड़ दिया था। इसके बाद से उसका फोन बंद हो गया।

दोस्त पर हत्या का शक, पुलिस जांच में जुटी

परिवार का कहना है कि लकी का दोस्त ही इस मामले में संदेह के घेरे में है। दिल्ली पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस लकी के मोबाइल की लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

घर में अब सिर्फ मां और 92 साल की दादी

लकी के पिता निहाल चंद्र का निधन चार साल पहले बीमारी के चलते हो गया था। पिता की मौत के बाद लकी ही घर का सहारा था। अब उसके जाने से घर में 60 वर्षीय मां ज्योति देवी और 92 साल की दादी गोदावरी देवी ही रह गई हैं।
दोनों को अभी तक लकी की मौत की जानकारी नहीं दी गई है। पड़ोसी बताते हैं कि लकी ही परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उठाता था।

‘लकी ही था हमारा सहारा’ दादी

लकी की दादी गोदावरी देवी ने रोते हुए कहा, “लकी ही हमारा सहारा था, उसके बिना सब सूना लग रहा है।” वहीं, मां ज्योति देवी ने कहा, “चार साल पहले पति को खोया था, अब बेटा भी चला गया। बस मेरा लकी मुझे वापस मिल जाए।”

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज

दिल्ली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल पुलिस इस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

 

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