Monday, May 25, 2026
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बरेली नगर निगम में डिजिटल जनगणना को लेकर बवाल, 2800 सफाईकर्मियों ने किया विरोध

बरेली नगर निगम में डिजिटल जनगणना को लेकर बवाल, 2800 सफाईकर्मियों ने किया विरोध

ऐप बेस्ड ड्यूटी से भड़के कर्मचारी, बोले- “न स्मार्टफोन चलाना आता, न डेटा भरना”

रिपोर्ट सत्य प्रकाश 

बरेली नगर निगम में देश की पहली डिजिटल जनगणना को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नगर निगम प्रशासन द्वारा करीब 2800 सफाई कर्मचारियों और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को जनगणना कार्य में लगाए जाने के आदेश के बाद बुधवार को सैकड़ों कर्मचारी निगम मुख्यालय पहुंच गए और जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने साफ कहा कि वे ऐप बेस्ड जनगणना ड्यूटी करने में सक्षम नहीं हैं और यह आदेश वापस लिया जाए।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि अधिकांश सफाईकर्मी ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं। कई कर्मचारी केवल प्राथमिक या जूनियर स्तर तक ही शिक्षित हैं और उन्हें स्मार्टफोन या मोबाइल एप्लिकेशन चलाने का अनुभव नहीं है। ऐसे में डिजिटल जनगणना के लिए मोबाइल ऐप पर डेटा भरना उनके लिए बेहद कठिन काम है। कर्मचारियों का आरोप है कि जबरन तकनीकी कार्य कराने से गलत आंकड़े दर्ज हो सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी बाद में उन पर डाली जाएगी।

जनगणना में लगाए तो शहर की सफाई व्यवस्था ठप हो जाएगी”

कर्मचारियों ने यह भी चेतावनी दी कि भीषण गर्मी के बीच सफाई व्यवस्था प्रभावित होने का सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। उनका कहना है कि बरेली में तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच चुका है और ऐसे समय में शहर में नियमित सफाई, कूड़ा उठान और नालों की सफाई सबसे जरूरी काम है। अगर हजारों सफाईकर्मी जनगणना कार्य में भेज दिए गए तो शहर में गंदगी फैल सकती है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाएगा।

कर्मचारी नेताओं ने मांग की कि डिजिटल जनगणना जैसे तकनीकी कार्य के लिए केवल प्रशिक्षित और शिक्षित कर्मचारियों को लगाया जाए, जबकि सफाईकर्मियों को उनके मूल कार्य में ही रखा जाए।

नगर आयुक्त बोले- “जरूरी सेवाओं पर नहीं पड़ेगा असर”

वहीं संजीव कुमार मौर्य ने कर्मचारियों की नाराजगी पर सफाई देते हुए कहा कि जनगणना राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण अभियान है और इसे तय समयसीमा में पूरा करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि नगर निगम समेत कई विभागों में स्टाफ की कमी है, इसलिए उपलब्ध कर्मचारियों की मदद ली जा रही है।

नगर आयुक्त के मुताबिक फिलहाल अधिकांश कर्मचारियों को रिजर्व श्रेणी में रखा गया है और जरूरत पड़ने पर ही उन्हें फील्ड में भेजा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शहर की सफाई और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।

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