बरेली में ईडी की बड़ी कार्रवाई: आईक्रेस्ट मोबाइल स्टोर संचालक के घर छापा, मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच तेज
मारवाड़ी गंज स्थित आवास पर घंटों चली तलाशी, कई राज्यों में एक साथ दबिश; व्यापारिक जगत में मचा हड़कंप
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के मारवाड़ी गंज में मंगलवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने मशहूर आईक्रेस्ट मोबाइल स्टोर के संचालक आशुतोष अग्रवाल के आवास पर अचानक छापेमारी कर दी। सुबह करीब आठ बजे शुरू हुई इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और व्यापारिक वर्ग में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
सूत्रों के अनुसार, ईडी को वित्तीय अनियमितताओं और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण इनपुट प्राप्त हुए थे। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर केंद्रीय एजेंसी ने विशेष अभियान चलाते हुए आशुतोष अग्रवाल के घर पर दबिश दी। कार्रवाई शुरू होते ही अधिकारियों ने पूरे परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया और जांच प्रक्रिया आरंभ कर दी।
तलाशी के दौरान टीम ने घर में मौजूद वित्तीय दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन समेत विभिन्न डिजिटल उपकरणों को खंगाला। अधिकारियों ने घर की अलमारियों, बेड बॉक्स, सोफों और अन्य स्थानों की भी गहन जांच की। बताया जा रहा है कि एजेंसी बेहिसाबी नकदी, संदिग्ध लेन-देन और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की तलाश कर रही है।
जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई केवल बरेली तक सीमित नहीं है। इसी मामले में पंजाब के लुधियाना और जालंधर, दिल्ली, नोएडा समेत छह अलग-अलग स्थानों पर भी ईडी की टीमें एक साथ छापेमारी कर रही हैं। माना जा रहा है कि जांच के दायरे में एक बड़ा वित्तीय नेटवर्क शामिल है, जिसके विभिन्न राज्यों में फैले होने की आशंका है।
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए स्थानीय पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। आवास के सभी प्रवेश और निकास मार्गों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई, जबकि घर के भीतर मौजूद लोगों से पूछताछ की गई। जांच एजेंसी ने पूरे अभियान को गोपनीय बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरती।
ईडी की कार्रवाई की खबर फैलते ही मारवाड़ी गंज और आसपास के बाजारों में खलबली मच गई। कई व्यापारियों ने एहतियातन अपनी दुकानें बंद कर दीं और पूरे दिन बाजार में इसी कार्रवाई की चर्चा होती रही। व्यापारिक संगठनों और स्थानीय कारोबारियों की निगाहें अब जांच के नतीजों पर टिकी हैं।
फिलहाल ईडी की जांच जारी है और अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर बरामदगी या मामले के विस्तृत तथ्यों का खुलासा नहीं किया है। हालांकि माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद कई अहम वित्तीय लेन-देन और संभावित अनियमितताओं से पर्दा उठ सकता है।


