बरेली में खनन माफिया का कहर: सरकारी टीम पर हमला, वाहन में टक्कर और पथराव के बीच आरोपी फरार /
रिपोर्ट /राजेश सिंह
बरेली। जनपद में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची सरकारी टीम पर खनन माफिया ने हमला बोल दिया। दबंगों ने जिला खनन अधिकारी की गाड़ी में टक्कर मार दी, कर्मचारियों पर पथराव किया और पकड़े गए वाहनों को छुड़ाने की कोशिश की। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और प्रशासन की सख्ती पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
रात में छापेमारी के दौरान पकड़ा गया अवैध खनन
जानकारी के मुताबिक 15 मार्च की रात करीब एक बजे जिला खनन अधिकारी मनीष कुमार अपनी टीम के साथ बुखारा मोड़ से बभिया की ओर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान टीम को 15 से 20 ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध खनन करते हुए दिखाई दीं। अधिकारियों को देखते ही चालक वाहन लेकर भागने लगे। टीम ने करीब पांच किलोमीटर तक पीछा कर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ लिया।
माफिया की दबंगई, सरकारी गाड़ी में मारी टक्कर
बताया जा रहा है कि 16 मार्च की रात दोबारा कार्रवाई के दौरान हालात और तनावपूर्ण हो गए। आरोप है कि कृपाल सिंह और उसका साथी महेश एक ईको स्पोर्ट कार से मौके पर पहुंचे और टीम पर दबाव बनाने लगे। दोनों ने गाली-गलौज करते हुए सरकारी वाहन में टक्कर मार दी, जिससे एक कर्मचारी घायल हो गया। इसके बावजूद आरोपी पकड़े गए वाहन को छुड़ाने की कोशिश करते रहे।
पथराव कर टीम को रोकने की कोशिश
जब टीम पकड़े गए वाहनों को चौकी ले जा रही थी, तभी गांव के पास कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और पथराव शुरू कर दिया। आरोप है कि आरोपियों ने सड़क पर मिट्टी बिखेरकर पीछा रोकने की कोशिश की और मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम सदर प्रमोद कुमार, नायब तहसीलदार समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक आरोपी भाग चुके थे।
दो लोडर और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली सीज
कार्रवाई के दौरान टीम ने दो लोडर और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेकर सीज कर दिया और बभिया चौकी पर खड़ा कराया गया है।
नेताओं के साथ फोटो दिखाकर बनाता था दबाव
स्थानीय लोगों के अनुसार आरोपी कृपाल सिंह सोशल मीडिया पर बड़े नेताओं के साथ अपनी तस्वीरें दिखाकर इलाके में दबाव बनाता था। इसी कारण उसके खिलाफ कोई खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं करता था।
जिला खनन अधिकारी की तहरीर पर थाना कैट पुलिस ने कृपाल सिंह, महेश और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या सिर्फ मुकदमा दर्ज होने से खनन माफिया पर लगाम लगेगी या प्रशासन आगे कोई बड़ी कार्रवाई करेगा।
