Wednesday, April 29, 2026
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बरेली में डिप्टी सीएम केशव मौर्य का विपक्ष पर तीखा प्रहार, बोले– मनरेगा बनी थी भ्रष्टाचार का पर्याय, जी-राम-जी से मिलेगा ईमानदार विकास

 

बरेली में डिप्टी सीएम केशव मौर्य का विपक्ष पर तीखा प्रहार, बोले– मनरेगा बनी थी भ्रष्टाचार का पर्याय, जी-राम-जी से मिलेगा ईमानदार विकास 

रिपोर्ट /सत्य प्रकाश 

बरेली

सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को लेकर विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बरेली हाल ही में एक दुखद घटना से गुजरा है। भाजपा विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी का 3 जनवरी को निधन हो गया था, जिनके आवास पर वे श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि पूरा बरेली शोक में है और ईश्वर से प्रार्थना है कि परिजनों व समर्थकों को यह दुख सहने की शक्ति दें।

डिप्टी सीएम ने मनरेगा योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह योजना श्रमिकों और गांवों के विकास के लिए शुरू की गई थी, लेकिन 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने के बावजूद गांवों में अपेक्षित बदलाव नहीं दिखा। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा धीरे-धीरे भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी और कांग्रेस को भ्रष्टाचार की जननी करार दिया।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि केंद्र से भेजे गए एक रुपये में से केवल 25 पैसे ही लाभार्थियों तक पहुंचते थे। केशव मौर्य ने कहा कि मौजूदा सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। अब योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “न खाऊंगा, न खाने दूंगा” के संकल्प का उल्लेख करते हुए उन्होंने सरकार की पारदर्शी कार्यशैली पर जोर दिया।

डिप्टी सीएम ने बताया कि नई ‘जी-राम-जी योजना’ का कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले जहां 100 दिन का रोजगार मिलता था, अब इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए इस योजना को पीएम गति शक्ति योजना से जोड़ा गया है और ग्राम सभाओं को ए, बी व सी श्रेणियों में बांटा गया है। उन्होंने कहा कि पहले गांवों में जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं थीं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले मनरेगा में एनजीओ के जरिए काम कराया जाता था, जिससे भ्रष्टाचार बढ़ा। नई जी-राम-जी योजना में किसी भी एनजीओ की भूमिका नहीं होगी और इसे एक महीने के भीतर जमीन पर उतार दिया जाएगा। इससे श्रमिकों को अधिक रोजगार मिलेगा और भुगतान सात दिनों के भीतर सीधे उनके खातों में पहुंच जाएगा।

विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए केशव मौर्य ने कहा कि कांग्रेस, सपा और टीएमसी को राम के नाम से ही परेशानी होती है। गरीबों के सम्मान की बात करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा गरीबों की पूजा करती है और उनके कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अंत में उन्होंने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी तंज कसते हुए कहा कि उन्हें इन योजनाओं की कोई जानकारी नहीं है और वे बिना तथ्यों के बयानबाजी कर रहे हैं।

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