बरेली में पुलिस पर गंभीर आरोप: घर में घुसकर मारपीट, महिला से अभद्रता और युवक को गोली मारने का दावा
रिपोर्ट राजेश सिंह
लभेड़ा गांव की महिला ने लगाया फर्जी मुकदमा और क्रूरता का आरोप, एसएसपी से निष्पक्ष जांच की मांग
बरेली।थाना सैहतगंज क्षेत्र के ग्राम लभेड़ा में पुलिस कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। गांव निवासी नफीसा ने रिठौरा पुलिस चौकी के इंचार्ज वैभव गुप्ता और उनकी टीम पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसएसपी से शिकायत की है। महिला का कहना है कि पुलिस ने न केवल उनके घर में जबरन घुसकर उत्पात मचाया, बल्कि परिवार के साथ मारपीट और अभद्रता भी की।
रात में घर घेरकर कार्रवाई का आरोप
शिकायत के मुताबिक 19 अप्रैल 2026 को मोहम्मद यासीन खान को पूछताछ के लिए रिठौरा चौकी बुलाया गया था। देर शाम उन्हें वापस घर भेज दिया गया। आरोप है कि उसी रात करीब 11 बजे भारी पुलिस बल ने उनके घर को चारों ओर से घेर लिया और जबरन अंदर घुस गई।
महिलाओं से अभद्रता, बेटों को घसीटने का आरोप
नफीसा का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने घर में मौजूद महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया और विरोध करने पर मारपीट की। छत पर सो रहे उनके बेटों अजमल और अफजल को नीचे खींचकर पीटा गया। वहीं, उनके पति मोहम्मद यासीन को जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटा गया और फिर अपने साथ ले गए।
सुबह अस्पताल में मिला घायल पति
परिवार के लोगों ने पूरी रात यासीन की तलाश की, लेकिन पुलिस की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई। अगले दिन सुबह करीब 7:45 बजे पता चला कि यासीन जिला अस्पताल में भर्ती हैं और उनके पैर में गोली लगी हुई है। नफीसा का आरोप है कि पुलिस ने खुद गोली मारकर बाद में उन्हें गौकशी के एक मामले में फंसा दिया।
फर्जी मुकदमा दर्ज करने का आरोप
महिला का कहना है कि उनके पति और बेटों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। पुलिस असली आरोपियों तक न पहुंच पाने के कारण उनके परिवार को निशाना बना रही है और कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।
एसएसपी से निष्पक्ष जांच की मांग
नफीसा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे उच्च अधिकारियों और न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगी।


