बरेली में बिजली विभाग की लापरवाही से दो की मौत, 11 हजार वोल्ट करंट घरों में उतरने से मचा कोहराम
गेट खोलते ही छात्र की मौत, दिव्यांग युवक भी चपेट में आया; बेटे को बचाने गई मां गंभीर रूप से झुलसी
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली।जिले के सूदनपुर गांव में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। गुरुवार सुबह अचानक हाईटेंशन लाइन का 11 हजार वोल्ट का करंट घरेलू सप्लाई में उतर आया, जिससे 16 वर्षीय छात्र सुभाष और 24 वर्षीय दिव्यांग युवक कुंवर पाल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं सुभाष की मां सुनीता गंभीर रूप से झुलस गईं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
गेट खोलते ही करंट की चपेट में आया छात्र
सुभाष रोज की तरह सुबह करीब 7:30 बजे स्कूल जाने के लिए तैयार हुआ था। जैसे ही उसने घर का लोहे का गेट खोला, उसमें दौड़ रहे तेज करंट ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। जोरदार धमाके के साथ वह वहीं गिर पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बेटे की चीख सुनकर दौड़ी मां सुनीता भी करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गईं।
दिव्यांग युवक को संभलने का भी मौका नहीं मिला
हादसे में गांव के ही कुंवर पाल (24) की भी जान चली गई। वह एक पैर से दिव्यांग थे और घर पर सिलाई का काम कर परिवार का सहारा बने हुए थे। अचानक आए हाई वोल्टेज करंट ने उन्हें संभलने का मौका तक नहीं दिया।
पहले से थी शिकायतें, नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर और बिजली लाइन में खराबी को लेकर कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। मृतक के परिजन आरपी सिंह के अनुसार, इलाके में अक्सर वोल्टेज बहुत ज्यादा हो जाता था और खंभों की तारों में आग तक लग जाती थी।
खंभों में लगी आग, लोगों ने खुद काटी सप्लाई
घटना से पहले भी मोहल्ले में खंभों पर आग लगने की स्थिति बन गई थी। हालात इतने बिगड़ गए कि ग्रामीणों को खुद लाठी-डंडों से मीटर तोड़कर और तार काटकर सप्लाई बंद करनी पड़ी। पूरे इलाके में धमाके जैसा माहौल बन गया था।
गांव में गुस्सा, मुआवजे और कार्रवाई की मांग
हादसे के बाद गांव में शोक के साथ आक्रोश भी है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
