बरेली में मीट फैक्ट्रियों पर जीएसटी का महाछापा, 26 घंटे की कार्रवाई में करोड़ों की टैक्स चोरी उजागर
रिपोर्ट/राजेश सिंह
बरेली। शाहजहांपुर रोड स्थित नरियावल क्षेत्र में संचालित मीट फैक्ट्रियों के भीतर लंबे समय से चल रहे जीएसटी चोरी के खेल पर जीएसटी विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (SIB) ने बड़ी कार्रवाई की है। मारिया फ्रोजन और रहबर फूड्स में एक साथ की गई छापेमारी 26 घंटे से अधिक समय तक चली, जिसमें करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी के पुख्ता संकेत मिले हैं।
दबाव बढ़ने पर दोनों फैक्ट्री संचालकों ने ₹1 करोड़ की जीएसटी राशि तत्काल जमा कर दी, लेकिन इसके बावजूद विभाग ने जांच और कड़ी कर दी है।
यह कार्रवाई डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह और रोहित मालवीय के नेतृत्व में की गई। छापेमारी टीम में 10 असिस्टेंट कमिश्नर, 15 स्टेट टैक्स अधिकारी और 20 पुलिसकर्मी शामिल रहे। टीम ने फैक्ट्रियों के मुख्य द्वार सील कर दिए और अंदर–बाहर की आवाजाही पूरी तरह रोक दी।
बिल, स्टॉक और बैंक खातों की गहन जांच
छापेमारी के दौरान जानवरों की खरीद, मांस की सप्लाई, श्रमिकों की संख्या, अकाउंट और एंट्री सेक्शन से जुड़े सभी बिल–बुक, रजिस्टर और दस्तावेज जब्त किए गए। साथ ही फैक्ट्रियों से जुड़े बैंक खातों की जानकारी भी ली गई।
मौके पर मौजूद जानवरों, कर्मचारियों और वाहनों की गिनती कर पैक मांस के स्टॉक का दस्तावेजों से मिलान किया गया। प्रारंभिक जांच में फर्जी बिलिंग और कागजी हेराफेरी के संकेत सामने आए हैं।
₹1 करोड़ जमा होना खुद सबूत: विभाग
अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी के दौरान ही इतनी बड़ी राशि का जमा किया जाना, टैक्स चोरी की गंभीरता को दर्शाता है। विभाग के अनुसार वास्तविक जीएसटी देयता इससे कहीं अधिक हो सकती है, जिसका खुलासा स्टॉक और दस्तावेजों के विस्तृत मिलान के बाद होगा।
फिलहाल जांच जारी है और इसमें 2 से 3 दिन की प्रारंभिक जांच लगने की संभावना है। इसके बाद दोषी पाए जाने पर फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
