बरेली में मौलाना तौकीर के करीबी डॉ. नफीस के परिवार की मुश्किलें बढ़ीं
फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/हैदर अली
बेटों पर दर्ज मुकदमे में लगी एफआर खारिज, एसएसपी ने दोबारा विवेचना के दिए आदेश
बरेली। बरेली बवाल में आरोपी मौलाना तौकीर रजा के नजदीकी डॉ. नफीस के परिवार की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
अब वक्फ संपत्ति कब्जाने के मामले में दर्ज मुकदमे में लगी एफआर (फाइनल रिपोर्ट) को एसएसपी बरेली ने खारिज कर दिया है और दोबारा विवेचना के आदेश जारी किए हैं। इससे डॉ. नफीस के परिवार की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
जानकारी के अनुसार, साजदा बेगम नाम की महिला ने डॉ. नफीस के दो बेटों नोमान और फरहान समेत पांच लोगों पर वक्फ संपत्ति पर कब्जा करने के गंभीर आरोप लगाते हुए किला थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था। इस मामले में जांच के बाद पुलिस ने आरोपों को निराधार बताते हुए एफआर लगा दी थी।
लेकिन वादी महिला साजदा बेगम ने हार नहीं मानी। उन्होंने गोपनीय हेल्पलाइन के माध्यम से एसएसपी बरेली से शिकायत की। एसएसपी ने मामले की जांच सीओ प्रथम को सौंपी। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि आरोप काफी हद तक सही हैं।
बताया जा रहा है कि एफआर लगाने के पीछे वक्फ बोर्ड के विधि सलाहकार की राय का हवाला दिया गया था, मगर जांच में यह पाया गया कि विधि सलाहकार के बयान ही दर्ज नहीं किए गए थे। इस गंभीर चूक के बाद एसएसपी ने एफआर खारिज करते हुए दोबारा विवेचना का आदेश जारी कर दिया है।
अब दोबारा जांच शुरू होने से डॉ. नफीस और उनके बेटों की परेशानी और बढ़ने वाली है। 26 सितंबर को हुए बरेली बवाल के बाद से ही डॉ. नफीस और उनके दोनों बेटे जेल में बंद हैं। प्रशासन ने बवाल के बाद कार्रवाई करते हुए नफीस का अवैध बारातघर ध्वस्त कर दिया था और उसकी दुकानें भी सील की गई थीं।
धमकी का वीडियो वायरल “हाथ काट लूंगा, वर्दी नहीं बचेगी”
इससे पहले डॉ. नफीस का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह खुलेआम किला थाना इंस्पेक्टर को धमकी देते नजर आया था।
वीडियो में नफीस कहता दिखा, “मैंने किला इंस्पेक्टर से साफ कह दिया, अगर किसी ने बैनर ‘आई लव मोहम्मद’ पर हाथ लगाया तो मैं हाथ काट लूंगा, वर्दी नहीं बचेगी।”
इस बयान के बाद पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की थी।
बरेली बवाल में हाईकोर्ट से दो इनामी आरोपियों को राहत
वहीं दूसरी ओर, बरेली बवाल केस में आरोपी नदीम खान और बबलू खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिल गई है।
कोर्ट ने दोनों की गिरफ्तारी पर चार्जशीट दाखिल होने तक रोक लगा दी है। दोनों पर बवाल की साजिश रचने का आरोप है और पुलिस ने इन्हें 15-15 हजार रुपये का इनामी अपराधी घोषित किया था।
दोनों आरोपी बारादरी थाना क्षेत्र के चक महमूद मोहल्ले के रहने वाले हैं।
साथ ही कोर्ट ने बरेली बवाल की न्यायिक जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।
कुल मिलाकर…
बरेली बवाल के बाद मौलाना तौकीर रजा के करीबी डॉ. नफीस के खिलाफ लगातार शिकंजा कसता जा रहा है।
पहले बवाल, फिर धमकी और अब वक्फ संपत्ति कब्जाने के मामले में दोबारा जांच — यह सब नफीस परिवार के लिए कानूनी तूफान का संकेत माना जा रहा है।
