बरेली में स्टिंग के बाद रंगदारी का आरोप, वायरल ऑडियो से मचा हड़कंप; पुलिस जांच के इंतजार में शहर
रिपोर्ट/राजेश सिंह
बरेली। शहर में स्पा सेंटरों को लेकर चल रहे विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। कथित स्टिंग ऑपरेशन के बाद सोशल मीडिया पर 17 मिनट 31 सेकंड का एक ऑडियो वायरल होने से मामला और गरमा गया है। ऑडियो में दो युवकों पर स्पा संचालिका से कथित तौर पर पैसे मांगने और दबाव बनाने का आरोप लगाया जा रहा है।
‘स्टिंग’ के नाम पर वसूली का आरोप
वायरल क्लिप में एक युवक खुद को चर्चित मामले का आरोपी बताते हुए प्रभाव दिखाने की कोशिश करता सुनाई देता है। आरोप है कि वह स्पा सेंटर पर स्टिंग कराने का दावा करते हुए वीडियो हटवाने और सेंटर दोबारा खुलवाने के बदले “खर्चा-पानी” की मांग कर रहा है। दूसरे युवक द्वारा भी मुकदमों का हवाला देकर रकम जल्द पहुंचाने का दबाव बनाए जाने की बात सामने आई है।
हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है।
प्रशासनिक संरक्षण का दावा?
ऑडियो में कथित तौर पर यह भी कहा जा रहा है कि संबंधित अधिकारियों से बात हो चुकी है और सेंटर दोबारा खुलवाने की जिम्मेदारी वे स्वयं ले रहे हैं। इतना ही नहीं, उनके रहते कार्रवाई न होने का दावा भी किया गया है। यदि ये बातें सही पाई जाती हैं तो यह कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़े कर सकती हैं।
संगठन ने झाड़ा पल्ला
स्थानीय संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संबंधित युवक पहले ही संगठन से निष्कासित किए जा चुके हैं। संगठन का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति उनके नाम का इस्तेमाल कर अवैध वसूली करता है तो वह उसका निजी कृत्य है। साथ ही उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
थाने की भूमिका पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्पा सेंटरों को लेकर पहले भी शिकायतें हुई थीं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। अब स्टिंग और कथित रंगदारी के आरोप सामने आने के बाद भी पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि यदि वायरल ऑडियो में किए गए दावे सही हैं तो यह न केवल रंगदारी बल्कि प्रशासनिक तंत्र को खुली चुनौती का मामला भी हो सकता है।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
शहर के नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि स्टिंग के नाम पर वसूली हो रही है तो यह कानून का दुरुपयोग है, वहीं यदि स्पा सेंटरों में अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं तो उस पर भी पारदर्शी और ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वायरल ऑडियो की सत्यता और आरोपों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर साफ हो
