बरेली से शुरू होगी आस्था की रेल यात्रा, IRCTC लेकर आया 7 ज्योतिर्लिंग और दक्षिण भारत दर्शन पैकेज
11 रात-12 दिन में श्रद्धालु करेंगे महाकाल से सोमनाथ तक दर्शन, बरेली समेत कई स्टेशनों से मिलेगी बोर्डिंग सुविधा
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली। धार्मिक यात्राओं के शौकीनों और तीर्थ दर्शन की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने खास तोहफा दिया है। आईआरसीटीसी ने भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के जरिए दो विशेष धार्मिक टूर पैकेज लॉन्च किए हैं, जिनमें श्रद्धालु देश के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों और दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे। खास बात यह है कि बरेली सहित उत्तर प्रदेश के कई शहरों से यात्री सीधे ट्रेन में सवार होकर यात्रा शुरू कर सकेंगे।
शुक्रवार को बरेली में आयोजित प्रेस वार्ता में आईआरसीटीसी अधिकारियों ने दोनों धार्मिक टूर पैकेजों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान सीआरएम आईआरसीटीसी लखनऊ अजीत कुमार सिन्हा, मैनेजर नवनीत गोयल और सीएमआई बरेली सय्यद इमरान चिश्ती मौजूद रहे।
महाकाल, सोमनाथ और द्वारका सहित 7 ज्योतिर्लिंगों के होंगे दर्शन
आईआरसीटीसी का पहला टूर पैकेज 12 जून 2026 से 23 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। 11 रात और 12 दिन की इस धार्मिक यात्रा में श्रद्धालु देश के सात प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर सकेंगे। यात्रा के दौरान महाकालेश्वर, ओमकारेश्वर, सोमनाथ, नागेश्वर, त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर और घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग शामिल रहेंगे।
इसके अलावा श्रद्धालुओं को द्वारकाधीश मंदिर, पंचवटी और कालाराम मंदिर के भी दर्शन कराए जाएंगे। ट्रेन ऋषिकेश से रवाना होगी और हरिद्वार, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर और लखनऊ समेत कई स्टेशनों पर यात्रियों को चढ़ने की सुविधा मिलेगी।
अलग-अलग श्रेणी में तय किया गया किराया
आईआरसीटीसी ने यात्रियों की सुविधा के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों में किराया निर्धारित किया है। स्लीपर क्लास का किराया 24,100 रुपये, 3एसी का 40,890 रुपये और 2एसी का किराया 54,390 रुपये रखा गया है। पैकेज में ट्रेन यात्रा, होटल में ठहराव, शाकाहारी भोजन और स्थानीय भ्रमण के लिए बस सुविधा भी शामिल रहेगी।
दक्षिण भारत के प्रसिद्ध मंदिरों की भी कराई जाएगी यात्रा
आईआरसीटीसी का दूसरा धार्मिक पैकेज 29 जून 2026 से 10 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस यात्रा में श्रद्धालुओं को दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। इसमें तिरुपति बालाजी मंदिर, रामनाथस्वामी मंदिर, मीनाक्षी अम्मन मंदिर, कन्याकुमारी और मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरी यात्रा व्यवस्थित तरीके से संचालित की जाएगी। यात्रियों को रहने, खाने और स्थानीय परिवहन की अलग से चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगी बुकिंग
आईआरसीटीसी अधिकारियों के अनुसार दोनों धार्मिक यात्राओं की बुकिंग “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर की जाएगी। इच्छुक यात्री आईआरसीटीसी की आधिकारिक टूरिज्म वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग करा सकते हैं। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यह पहल श्रद्धालुओं के बीच काफी लोकप्रिय होगी।
