बेसहारा गोवंश की सेवा को आगे आए शिक्षक-कर्मचारी, 100 कुंतल से अधिक भूसा दान
आलमपुर जाफराबाद में भूसा दान अभियान, चार गौशालाओं को मिली बड़ी राहत
रिपोर्ट सुनील कुमार
आंवला (बरेली)। तहसील आंवला के विकासखंड आलमपुर जाफराबाद में निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश के भरण-पोषण के लिए विशेष भूसा दान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सामाजिक एवं मानवीय पहल में शिक्षकों, कर्मचारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए गौशालाओं के लिए स्वेच्छा से भूसा दान किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य गौशालाओं में रह रहे बेसहारा गोवंश के लिए चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करना था। अभियान के दौरान लगभग 100 कुंतल से अधिक भूसा एकत्र कर विभिन्न गौशालाओं तक पहुंचाया गया। इनमें भीमपुर और बिलौरी गौशालाओं को कुल 56 कुंतल भूसा उपलब्ध कराया गया, जबकि कुड्डा और सिरोही गौशालाओं में भी भूसा दान कर गोवंश के भरण-पोषण में सहयोग दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सेवा और परोपकार के कार्यों में आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि “परोपकार से बड़ा कोई धर्म नहीं और सेवा से बड़ा कोई पुण्य नहीं”, इसी भावना के साथ यह अभियान संचालित किया गया।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख, खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ आलमपुर जाफराबाद के अध्यक्ष, यूटा ब्लॉक अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी, समस्त एआरपी, शिक्षकगण तथा ग्राम प्रधान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।
गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश
भूसा दान कार्यक्रम ने न केवल गौशालाओं को राहत पहुंचाई, बल्कि समाज में गौ संरक्षण और सामूहिक सहयोग की भावना को भी मजबूत किया। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे जनसहभागिता आधारित अभियान जारी रखने की बात कही, ताकि बेसहारा गोवंश को बेहतर देखभाल और पर्याप्त चारा उपलब्ध कराया जा सके।


