महिला अपराध में लापरवाही भारी: SSP अनुराग आर्य का बड़ा एक्शन, 2 दरोगा समेत 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड
दुष्कर्म केस में धाराओं से ‘खेल’ पड़ा महंगा, बरेली में तीन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली।महिला अपराध के मामलों में लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अनुराग आर्य ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। दुष्कर्म के एक मामले में गंभीर अनियमितता और विवेचना में मनमानी पाए जाने पर दो दरोगा और एक मुख्य आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
क्या है मामला?
पूरा प्रकरण 8 दिसंबर 2023 को थाना सीबीगंज में दर्ज एक शिकायत से जुड़ा है। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उसके प्रेमी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में उसे छोड़ दिया। शिकायत पर FIR तो दर्ज हुई, लेकिन जांच के दौरान गंभीर खामियां सामने आईं।
जांच में पता चला कि तत्कालीन FIR लेखक मुख्य आरक्षी प्रवीण कुमार ने मामले में दुष्कर्म से जुड़े तथ्य होने के बावजूद उचित धाराएं नहीं लगाईं। वहीं विवेचना कर रहे दरोगा रत्नेश कुमार और दरोगा सचिन चौधरी ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया और आवश्यक धाराएं जोड़ने में लापरवाही बरती।
किन पर हुई कार्रवाई?
दरोगा रत्नेश कुमार (वर्तमान तैनाती: थाना भुता)
दरोगा सचिन चौधरी (वर्तमान तैनाती: थाना नवाबगंज)
मुख्य आरक्षी प्रवीण कुमार (वर्तमान तैनाती: थाना सीबीगंज)
घटना के समय तीनों ही पुलिसकर्मी सीबीगंज थाने में तैनात थे।
SSP का सख्त संदेश
SSP अनुराग आर्य ने स्पष्ट कहा है कि महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
निष्कर्ष
बरेली पुलिस में दुष्कर्म जैसे संवेदनशील मामलों की जांच में लापरवाही अब भारी पड़ रही है। इस कार्रवाई को विभाग में अनुशासन और जवाबदेही बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है।


