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यतीमखाना बेदखली केस में बड़ा मोड़: न्यायमूर्ति समीर जैन ने आजम खान से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई से खुद को अलग किया

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यतीमखाना बेदखली केस में बड़ा मोड़: न्यायमूर्ति समीर जैन ने आजम खान से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई से खुद को अलग किया

फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह

हाईकोर्ट में अंतिम सुनवाई से पहले अप्रत्याशित फैसला, अब नई बेंच तय करेगी केस की दिशा

इलाहाबाद हाईकोर्ट में आजम खान केस की सुनवाई से जज समीर जैन अलग, सभी लंबित मामले भी कोर्ट से रिलीज

इलाहाबाद हाईकोर्ट में शुक्रवार को सपा नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान से जुड़े 2016 यतीमखाना बेदखली प्रकरण की सुनवाई के दौरान एक अप्रत्याशित मोड़ देखने को मिला। अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध इस मामले में न्यायमूर्ति समीर जैन ने अचानक स्वयं को मामले की सुनवाई से अलग करने की घोषणा कर दी। अदालत में उपस्थित सभी अधिवक्ताओं के सामने यह फैसला सुनाया गया।

जज ने स्पष्ट कहा— “मैं अब आजम खान मामले से जुड़े केसों की सुनवाई नहीं कर पाऊंगा, इसलिए खुद को सभी मामलों से अलग कर रहा हूं।”

सभी संबंधित केसों को कोर्ट से किया रिलीज

पूर्व सांसद आजम खान के वकील शाश्वत आनंद ने बताया कि न्यायमूर्ति जैन ने न सिर्फ इस विशेष केस से बल्कि आजम खान के सभी लंबित मामलों से भी स्वयं को अलग करते हुए उन्हें अपनी अदालत से रिलीज कर दिया। न्यायिक हलकों में इसे एक बड़ा और दुर्लभ कदम माना जा रहा है, क्योंकि कोई जज एक ही व्यक्ति से जुड़े सभी मामलों से एक साथ अलग होता है, ऐसा बहुत कम होता है।

स्टे आदेश बरकरार, ट्रायल कोर्ट कोई अंतिम फैसला नहीं सुना पाएगा

अदालत ने स्पष्ट किया कि ट्रायल कोर्ट के अंतिम निर्णय पर लगी रोक अगली तारीख तक जारी रहेगी। इसका मतलब है कि ट्रायल कोर्ट फिलहाल किसी भी स्थिति में अपना अंतिम फैसला नहीं दे सकेगा।

अगली सुनवाई नई बेंच के सामने

जज के अलग होने के बाद हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि यह मामला अब “उपयुक्त पीठ” के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा। नई बेंच कौन होगी, यह निर्णय हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा नामांकन के बाद तय होगा।

ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर है याचिका

यह मामला 30 मई 2025 के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने से जुड़ा है। उस आदेश में अभियोजन गवाह—विशेषकर वक्फ बोर्ड चेयरमैन जफर अहमद फारूकी—को दोबारा बुलाने और कथित बेदखली की वीडियोग्राफी को रिकॉर्ड में शामिल करने की मांग खारिज कर दी गई थी।

याचिकाकर्ताओं का दावा है कि यह वीडियो उनकी घटनास्थल पर गैर-मौजूदगी साबित करता है और निष्पक्ष सुनवाई के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

क्या है यतीमखाना बेदखली प्रकरण?

यह विवाद 2019 में रामपुर के कोतवाली थाने में दर्ज 12 FIRs पर आधारित है, जिनमें डकैती, घर में अनधिकृत प्रवेश और आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

8 अगस्त 2024 को विशेष न्यायाधीश (MP/MLA) रामपुर ने सभी मामलों को एक साथ जोड़कर स्पेशल केस नंबर 45/2020 बनाया था।
इस मुकदमे में आजम खान मुख्य आरोपी हैं, जिससे यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर पहले से ही चर्चा में रहा है।

हाईकोर्ट की कार्रवाई से हलचल

न्यायमूर्ति समीर जैन द्वारा अचानक सभी मामलों से अलग होने का फैसला हाईकोर्ट और राजनीतिक हलकों में नई हलचल लेकर आया है। अब सभी की निगाहें मुख्य न्यायाधीश द्वारा नियुक्त की जाने वाली नई बेंच और आगामी सुनवाई पर टिकी हैं।

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