यूपी वक्फ बोर्ड की बड़ी कार्रवाई: 12,135 संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द, बरेली की 17 संपत्तियां भी चपेट में
लखनऊ में सबसे ज्यादा 1114 पंजीकरण खारिज, UMEED पोर्टल पर 6 जून तक दोबारा रजिस्ट्रेशन का अल्टीमेटम
लखनऊ/बरेली:
उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक कदम सामने आया है। यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने राज्यभर में गड़बड़ी और गलत ब्यौरे पाए जाने पर एक साथ 12,135 वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण निरस्त कर दिए हैं। इस कार्रवाई की जद में बरेली जिले की 17 संपत्तियां भी आ गई हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा असर
बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा पंजीकरण लखनऊ में रद्द किए गए हैं, जहां 1114 संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन खारिज हुआ। इसके अलावा बिजनौर (1003), सहारनपुर (990), बाराबंकी (577), अमरोहा (86), बागपत (60) और बरेली (17) भी इस कार्रवाई से प्रभावित हुए हैं।
क्यों रद्द हुए पंजीकरण?
वक्फ बोर्ड की जांच में सामने आया कि कई संपत्तियों के दस्तावेज अधूरे थे, जबकि कुछ मामलों में गलत या भ्रामक जानकारी दर्ज की गई थी। डिजिटल रिकॉर्ड की जांच के बाद बोर्ड ने इन सभी पंजीकरणों को अमान्य घोषित कर दिया।
UMEED पोर्टल पर दोबारा रजिस्ट्रेशन जरूरी
केंद्र सरकार के UMEED Portal पर अब सभी वक्फ संपत्तियों का पुनः पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए 6 जून 2026 की अंतिम तिथि तय की गई है। निर्धारित समय सीमा के भीतर सही दस्तावेजों के साथ आवेदन न करने पर संबंधित संपत्तियों की वैधता पर संकट खड़ा हो सकता है।
बरेली में बढ़ी चिंता
बरेली की 17 संपत्तियों का पंजीकरण रद्द होने के बाद यहां के मुतवल्लियों और वक्फ प्रबंधकों में चिंता बढ़ गई है। अब उन्हें नए सिरे से दस्तावेज तैयार कर पोर्टल पर आवेदन करना होगा। स्थानीय स्तर पर इस फैसले को लेकर हलचल तेज हो गई है।
संदेश साफ: अब नहीं चलेगी लापरवाही
वक्फ बोर्ड की इस सख्त कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिया है कि अब वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्यभर में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है।
