
राजनैतिक रसूख के बल पर भूमाफियाओं की दबंगई! 83 वर्षीय बुजुर्ग की जमीन हड़पने का खेल जारी,
फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह
लगातार फर्जी मुकदमे दर्ज प्रशासन को गुमराहा करा जा रहा है
बरेली। हनुमान चौक करणैना निवासी 83 वर्षीय पूर्व सैनिक सूवेदार भूदेव शर्मा ने भूमाफियाओं और उनके राजनीतिक संरक्षण पर गंभीर आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।
आपको बता दे भूदेव शर्मा का कहना है कि एक संगठित गिरोह वर्षों से उनकी संपत्ति हड़पने के लिए फर्जी एफआईआर, दबंगई, जबरन कब्जे की कोशिश और अधिकारियों से मिलीभगत जैसी हरकतें कर रहा है, लेकिन प्रशासन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा।
SC/ST एक्ट की फर्जी FIR से शुरू हुआ खेल
शिकायत के अनुसार, मास्टरमाइंड बताए जा रहे सुमित भारद्वाज ने वर्ष 2019 में कोतवाली बरेली में दबाव बनाने के उद्देश्य से भूदेव शर्मा, वाचस्पति शर्मा और कृष्ण गोपाल पर झूठा SC/ST एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया।
जांच में भूदेव शर्मा और कृष्ण गोपाल निर्दोष पाए गए और उनका नाम निकाल दिया गया, लेकिन वाचस्पति शर्मा का नाम अब भी मामले में विचाराधीन है।
संपत्ति विवाद में फिर दर्ज कराया गया झूठा मुकदमा
11 अप्रैल 2024 को इसी संपत्ति विवाद के बहाने एफआईआर नंबर 140/2024 दर्ज करायी गई, जिसकी जांच अभी जारी है।
इसी बीच धारा 146 सीआरपीसी के तहत उपजिला मजिस्ट्रेट सदर में लंबित वाद भी भूमाफियाओं के पक्ष में न जाकर खारिज हो चुका है।
फर्जी बैनामा के बाद जेसीबी लेकर आए कब्जाधारी, 112 पर कॉल न होती तो हो सकता था गोलीकांड
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि गुरकीरत कौर ने अगस्त 2024 में विवादित भूमि के दो हिस्सों का बैनामा ऋषि गुप्ता व उसकी पत्नी के नाम कर दिया।
इसके बाद 14 दिसंबर 2024 को ऋषि गुप्ता, उसके सहयोगी और स्वयं को वकील बताने वाले राम बाबू दर्जनों हथियारबंद लोगों, फर्जी कागज़ात और जेसीबी मशीन के साथ कब्जा लेने पहुंच गए।
पीड़ित द्वारा 112 पर कॉल किए जाने पर पुलिस मौके पर पहुंची, तभी जाकर कब्जा रुक सका, अन्यथा स्थिति गंभीर हो सकती थी।
प्रशासन निष्क्रिय, जबकि High Court में लंबित है रिट याचिका
भूमाफियाओं ने तथ्य दबाकर एक और मुकदमा—एफआईआर संख्या 697/2025, थाना सुभाषनगर दर्ज करा दिया, जिसके विरुद्ध पीड़ित की ओर से माननीय हाईकोर्ट प्रयागराज में रिट पिटीशन संख्या 205515/2025 दाखिल है, जो लंबित है।
चकबंदी, सिविल कोर्ट और कई मुकदमों में तथ्य छुपाकर आदेश हासिल करने के आरोप
चकबंदी बंदोबस्त अधिकारी के यहां भी संजीव खंडेलवाल द्वारा एकतरफा आदेश करा लिया गया, जबकि असली सहखातेदारों—भूदेव शर्मा व उनके पुत्रों—को पक्षकार बनाया ही नहीं गया।
इस आदेश की निगरानी संख्या 202354121300000129 उप संचालक चकबंदी के न्यायालय में विचाराधीन है।
उधर, सिविल जज सीनियर डिवीजन बरेली में मूलवाद संख्या 1056/2024 (सचिन शर्मा बनाम गुरकीरत आदि) भी लंबित है, जिसमें अमीन कमीशन की रिपोर्ट दाखिल हो चुकी है।
20-25 शिकायतें दीं, पर कोई कार्रवाई नहीं भूमाफियाओं के हौसले बुलंद
83 वर्षीय सूवेदार भूदेव शर्मा का आरोप है कि उन्होंने अब तक 20 से अधिक प्रार्थना पत्र अधिकारियों को दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण भूमाफिया गिरोह का मनोबल बढ़ता जा रहा है और वे लगातार फर्जी मुकदमों व दबंगई के जरिए उनकी संपत्ति हड़पने की कोशिश कर रहे हैं।
“राजनैतिक संरक्षण प्राप्त यह माफिया गैंग हमें प्रताड़ित कर रहा है, जीवन खतरे में है”पीड़ित परिवार की अपील
बुजुर्ग शिकायतकर्ता ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें जबरन कब्जे व झूठे मुकदमों से होने वाले उत्पीड़न से बचाया जाए।