लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में धमाका, 8 की मौत,
फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/हैदर अली
3 गाड़ियां जलकर खाक दिल्ली और मुंबई में हाई अलर्ट
नई दिल्ली।दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम बड़ा हादसा हो गया। गेट नंबर-1 के पास पार्किंग में खड़ी एक कार में शाम करीब 6 बजकर 55 मिनट पर जोरदार धमाका हुआ। धमाका इतना भीषण था कि आग तेजी से फैल गई और आसपास खड़ी तीन और गाड़ियां उसकी चपेट में आ गईं। मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई।
दमकल विभाग को सूचना मिलते ही कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया। हादसे में 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को एलएनजेपी (LNJP) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, कुछ लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।
फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि धमाके की वजह का अभी तक पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या सिलेंडर ब्लास्ट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है।
दिल्ली पुलिस ने पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया है। घटनास्थल को पूरी तरह सील कर दिया गया है। CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि धमाके से ठीक पहले की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने पार्किंग में मौजूद सभी वाहनों की जांच शुरू कर दी है।
एनआईए (NIA) और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को भी मौके पर बुलाया गया है। किसी भी आतंकी साजिश की संभावना को नकारा नहीं गया है। एहतियात के तौर पर दिल्ली और मुंबई में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
मौके पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “मैं मेट्रो से बाहर निकला ही था कि जोरदार धमाका हुआ। कुछ ही सेकंड में चारों तरफ धुआं और आग की लपटें फैल गईं। लोग जान बचाने के लिए भागने लगे।”
पुलिस उपायुक्त (उत्तर) ने बताया कि धमाके के कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। फिलहाल आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
आपको बता दे दिल्ली में धमाका 1997 से अब तक 8 बड़े विस्फोट झेल चुकी है राजधानी
नई दिल्ली एक बार फिर धमाके से दहल उठी है। लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए ब्लास्ट ने राजधानी को पुराने दर्दनाक हादसों की याद दिला दी है। 1997 से लेकर अब तक दिल्ली ने कई बड़े धमाकों का सामना किया है, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है।
1. लाजपत नगर ब्लास्ट (1997):
दिल्ली में पहला बड़ा धमाका 1997 में लाजपत नगर में हुआ था। इसमें 13 लोगों की मौत हुई थी और 30 से ज्यादा घायल हुए थे। यह ब्लास्ट बाजार में कार बम से किया गया था।
2. करोल बाग गैफिटी मार्केट ब्लास्ट (1998):
अगले ही साल 1998 में करोल बाग के भीड़भाड़ वाले गैफिटी मार्केट में धमाका हुआ। 17 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए।
3. संसद भवन हमला (2001):
13 दिसंबर 2001 को संसद भवन पर आतंकी हमला हुआ। विस्फोट और गोलीबारी में 9 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें सुरक्षा बलों के जवान भी शामिल थे।
4. सीरियल ब्लास्ट (2005):
29 अक्टूबर 2005 को दीपावली से ठीक पहले दिल्ली में तीन जगह — सरोजिनी नगर, पहाड़गंज और गोविंदपुरी — पर धमाके हुए। इन धमाकों में 60 से ज्यादा लोगों की मौत और 200 से अधिक घायल हुए।
5. दिल्ली सीरियल ब्लास्ट (2008):
13 सितंबर 2008 को कनॉट प्लेस, करोल बाग, इंडिया गेट और बाराखंबा रोड सहित पांच जगह धमाके हुए। इसमें 26 लोगों की जान गई और 100 से ज्यादा घायल हुए।
6. मेहरौली ब्लास्ट (2008):
उसी साल 27 सितंबर को मेहरौली में हुए धमाके में दो लोगों की मौत हुई थी।
7. दिल्ली हाई कोर्ट ब्लास्ट (2011):
7 सितंबर 2011 को हाई कोर्ट के गेट नंबर-5 के पास धमाका हुआ। 15 लोगों की मौत और 70 से ज्यादा घायल हुए।
8. इजरायली दूतावास के पास धमाका (2021):
29 जनवरी 2021 को मामूली विस्फोट हुआ, जिसमें कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।
अब 2025 का लाल किला ब्लास्ट इस लिस्ट में जुड़ गया है। लगातार होती ऐसी घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही हैं। दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां इस बार की घटना के पीछे के हर पहलू की गहराई से जांच में जुटी हैं।


