विकसित भारत की रफ्तार बढ़ाता केंद्रीय बजट 2026-27, उत्तर प्रदेश को मिला विकास का मेगा पैकेज
रिपोर्ट/ सत्य प्रकाश
बरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश किया गया केंद्रीय बजट 2026-27 उत्तर प्रदेश के लिए विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार लेकर आया है। इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर उद्योग, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन तक—यह बजट प्रदेश को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ने वाला बताया जा रहा है।
बजट में हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, रेलवे के आधुनिकीकरण और राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार पर विशेष फोकस किया गया है। देश के पूर्व–पश्चिम और उत्तर–दक्षिण नेटवर्क के केंद्र में स्थित उत्तर प्रदेश को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इससे लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और आगरा जैसे प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
प्रदेश को लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स, फ्रेट कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को बढ़ावा दिया गया है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी को जोड़ने वाले इन कॉरिडोर से निवेश बढ़ने और उद्योगों की लागत घटने की उम्मीद है।
छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का MSME ग्रोथ फंड बनाया गया है, जिससे कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प, हैंडलूम, चमड़ा और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
वहीं 10 हजार करोड़ रुपये की Biopharma SHAKTI योजना के तहत उत्तर प्रदेश में फार्मा और मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे प्रदेश हेल्थ केयर और मेडिकल इनोवेशन का बड़ा केंद्र बन सकता है।
कृषि क्षेत्र में Bharat-VISTAAR AI प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को मौसम, बाजार और फसल संबंधी आधुनिक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उत्पादकता और किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी।
वाराणसी में गंगा नदी के नेशनल वॉटरवे-1 पर इनलैंड वॉटरवे शिप रिपेयर इकोसिस्टम स्थापित करने की घोषणा भी बजट की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे हजारों नए रोजगार सृजित होंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में कैंसर सहित गंभीर बीमारियों में उपयोग होने वाली 36 जीवनरक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क छूट देने से आम लोगों के इलाज का खर्च कम होगा।
शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देते हुए हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने और युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने के लिए 15 हजार स्कूलों व 500 कॉलेजों में एनीमेशन, गेमिंग और VFX लैब स्थापित करने का प्रावधान किया गया है।
पर्यटन को रोजगार से जोड़ते हुए 10 हजार टूर गाइड को प्रशिक्षित करने की योजना बनाई गई है, जिससे काशी, अयोध्या, मथुरा और प्रयागराज जैसे धार्मिक पर्यटन स्थलों को बड़ा लाभ मिलेगा।
इसके अलावा 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण और सिटी इकोनॉमिक रीजन के विकास से लखनऊ, कानपुर, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा और वाराणसी जैसे शहर स्टार्टअप और रोजगार हब के रूप में उभरेंगे।
बरेली सर्किट हाउस में बजट पर प्रेस वार्ता
केंद्रीय बजट को लेकर बरेली के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में मंत्री, सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्य अतिथि महेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 उत्तर प्रदेश के लिए विकास का स्पष्ट रोडमैप है।
प्रेस वार्ता में वन मंत्री अरुण कुमार, बरेली मेयर उमेश गौतम, विधायक डीसी वर्मा, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, आंवला जिला अध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यह बजट उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, कृषि और युवाओं के लिए ऐतिहासिक है और प्रदेश को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेज़ी से आगे ले जाएगा।
