विश्व पुस्तक मेले में डॉ. राजेश शर्मा के काव्य संग्रह ‘खुलती हुई जंजीरें’ का लोकार्पण
संपादक/धीरेंद्र सिंह धीरू
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दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित विश्व पुस्तक मेला–2026 के दौरान बरेली के वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार, साथ ही इनवर्टिस विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के डीन डॉ. राजेश शर्मा के काव्य संग्रह ‘खुलती हुई जंजीरें’ का भव्य लोकार्पण किया गया। यह काव्य संग्रह डॉ. शर्मा का तीसरा कविता संकलन है।
संग्रह में शामिल कविताएँ हस्तक्षेप, पीढ़ी र पीढ़ी और यादें अंतहीन जैसी रचनाओं के माध्यम से पाठकों को गहराई से प्रभावित करती हैं। यह संकलन यथार्थवाद से ओत-प्रोत है और समकालीन सामाजिक चेतना को सशक्त स्वर देता है। पुस्तक का प्रकाशन विस्तार पब्लिशर्स द्वारा किया गया है।
लोकार्पण समारोह में डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि कविता चेतना का वह स्वर है, जो भीतर उठती हर हलचल को अभिव्यक्ति देती है। कविता समाज को नई दिशा देने का भी माध्यम है और यह संकलन उसी दिशा में उठाया गया एक सार्थक कदम है।
इस अवसर पर जेसीबी पुरस्कार सम्मानित लेखक खालिद जावेद, वरिष्ठ पत्रकार रामशरण जोशी, कमलेश भट्ट कमल, लेखक सुहेल वहीद, शम्भू दयाल बाजपेयी, दिनेश श्रीनेत, अनुराग सक्सेना सहित बड़ी संख्या में लेखक, साहित्यप्रेमी और पाठक उपस्थित रहे।


