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सहारा इंडिया के कार्यकारी प्रमुख ओपी श्रीवास्तव ईडी के हत्थे चढ़े निवेशकों के पैसे डकारने और मनी लॉन्ड्रिंग में बड़ी कार्रवाई

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सहारा इंडिया के कार्यकारी प्रमुख ओपी श्रीवास्तव ईडी के हत्थे चढ़े निवेशकों के पैसे डकारने और मनी लॉन्ड्रिंग में बड़ी कार्रवाई

फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह

लखनऊ/सहारा इंडिया समूह पर शिकंजा कसते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए समूह के कार्यकारी प्रमुख ओपी श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया। निवेशकों के हजारों करोड़ रुपये न लौटाने और कथित मनी लॉन्ड्रिंग की लंबी जांच के बाद यह गिरफ्तारी सहारा समूह के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं मानी जा रही।

सूत्रों के अनुसार, ओपी श्रीवास्तव को ईडी की कोलकाता यूनिट ने हिरासत में लिया और अब एजेंसी उन्हें रिमांड पर लेकर लंबी पूछताछ की तैयारी में है। ईडी को जांच के दौरान जमीन सौदों में अनियमितताओं, फर्जी निवेश योजनाओं और निवेशकों का पैसा दूसरे प्रोजेक्टों में डायवर्ट करने जैसी गंभीर गड़बड़ियों के पुख़्ता सबूत मिले हैं।

गौरतलब है कि सहारा समूह पर पहले से ही कई राज्यों में कोर्ट केस, निवेशकों के धरने और रिफंड को लेकर गंभीर आरोप चल रहे हैं। लाखों निवेशक सालों से भुगतान का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन समूह की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। अब ईडी की गिरफ्तारी ने सहारा प्रबंधन के माथे पर और भी शिकन बढ़ा दी है।

ईडी की शुरुआती जांच रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि सहारा की कई जमीनों के सौदे वास्तविक मूल्य से कम दर्शाकर किए गए, जिससे भारी रकम कैश में निकाली गई और उसे कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग चैनल के जरिए इधर-उधर घुमाया गया। एजेंसी को कई दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और संदिग्ध लेनदेन के बैंक ट्रेल मिले हैं।

जानकार मान रहे हैं कि ओपी श्रीवास्तव की गिरफ्तारी केवल शुरुआत है। ईडी आने वाले दिनों में सहारा समूह के अन्य बड़े अधिकारियों को भी पूछताछ के घेरे में ले सकती है। कुछ टीमों को लखनऊ, नोएडा और पटना स्थित सहारा के दफ्तरों से भी अतिरिक्त दस्तावेज जुटाने के लिए लगाया गया है।

ईडी अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ निवेशकों के पैसे न लौटाने का नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर आर्थिक अपराध और वित्तीय सिस्टम के दुरुपयोग का है। एजेंसी इस केस को हाई-प्रोफाइल आर्थिक अपराध की श्रेणी में देख रही है और सभी संदेहास्पद लेनदेन की परतें खोलने की कोशिश कर रही है।

निवेशक इस कार्रवाई को “बड़ी उम्मीद” के रूप में देख रहे हैं। कई निवेशकों का कहना है कि वर्षों से वे कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें उनका पैसा नहीं मिल पा रहा। अब ईडी की सक्रियता से उन्हें उम्मीद है कि शायद उनकी मेहनत की कमाई वापस मिल सके।

फिलहाल ओपी श्रीवास्तव को ईडी की कस्टडी में रखा गया है और अदालत में पेशी के बाद रिमांड अर्जी दायर की जाएगी। आने वाले दिनों में इस केस में और भी कई चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

 

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