सूफीटोला के दो शादी हॉल पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, बीडीए की कार्रवाई एक हफ्ते के लिए थमी
फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह
नई दिल्ली/बरेली। सूफीटोला स्थित ऐवान-ए-फरहत शादी हॉल और गुड़ मैरिज हॉल पर चल रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा राहत आदेश देते हुए एक सप्ताह के लिए रोक दिया है। न्यायालय ने बीडीए की कार्रवाई पर तत्काल ब्रेक लगाते हुए 10 दिसंबर 2025 तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। आदेश जारी होते ही मौके पर मौजूद बीडीए का बुल्डोज़र वापस लौट आया।
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
फरहत जनन एवं अन्य की ओर से दाखिल अनुच्छेद 32 की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने कहा कि यह मामला सीधे 32 के तहत नहीं सुना जा सकता। इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता को अनुच्छेद 226 के तहत हाई कोर्ट जाने की अनुमति दे दी और कहा कि वे चाहें तो हाई कोर्ट की संबंधित पीठ से तत्काल सुनवाई का आग्रह कर सकते हैं।
अदालत ने स्पष्ट किया कि उसकी दी गई अंतरिम सुरक्षा हाई कोर्ट की विचार प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करेगी, और इलाहाबाद हाई कोर्ट इस मामले को स्वतंत्र रूप से इसके गुण-दोष के आधार पर सुनेगा।
बीडीए की कार्रवाई पर रोक
बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) सूफीटोला स्थित दोनों बारातघरों
ऐवान-ए-फरहत शादी हॉल
गुड़ मैरिज हॉल
पर कथित अनियमितताओं और अवैध निर्माण के आधार पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही कर रहा था। लगातार दो दिनों से कार्रवाई को लेकर इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ध्वस्तीकरण की पूरी प्रक्रिया एक हफ्ते के लिए रोक दी गई है।
10 दिसंबर तक किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगले एक सप्ताह तक दोनों पक्ष यथास्थिति बनाए रखें। यानी 10 दिसंबर 2025 तक किसी भी प्रकार की नई कार्रवाई या विध्वंस नहीं होगा।
अधिवक्ताओं ने रखा पक्ष
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रऊफ रहीम और एओआर वसीम अख्तर खान सहित अन्य अधिवक्ताओं ने मामले में पक्ष रखा। सुनवाई के बाद अदालत ने याचिका और लंबित आवेदनों का निस्तारण कर दिया।
