सेवानिवृत्त दरोगा की पुकार बेअसर! दबंगों की गुंडागर्दी, जातिसूचक गालियों और मारपीट से बरेली में कानून व्यवस्था पर सवाल
रिपोर्ट/राजेश सिंह
बरेली। जनपद बरेली में कानून व्यवस्था एक बार फिर कठघरे में है। प्रेमनगर क्षेत्र निवासी एवं उपनिरीक्षक पद से सेवानिवृत्त नरेश सिंह ने दबंग किस्म के लोगों पर खुलेआम गुंडागर्दी, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग, मारपीट और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि शिकायतों के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे दबंगों के हौसले बुलंद हैं।
पीड़ित नरेश सिंह के अनुसार, 27 जनवरी को उनके और उनकी पुत्री के साथ अभद्रता की गई, जातिसूचक गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस संबंध में उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को लिखित प्रार्थना पत्र दिया। वहां से उन्हें सीबीगंज थाने से संपर्क करने को कहा गया, लेकिन थाना स्तर पर सिर्फ आश्वासन देकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
नरेश सिंह ने बताया कि जब उन्होंने अपने प्लॉट पर निर्माण कार्य शुरू कराया, तभी दबंग किस्म के लोग मौके पर पहुंचे और मजदूरों को भगा दिया। आरोप है कि मजदूरों के साथ मारपीट और खुलेआम गाली-गलौज की गई, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया और निर्माण कार्य रुकवाना पड़ा।
पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद वह दोबारा थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा, पुलिस की निष्क्रियता ने दबंगों को और दुस्साहसी बना दिया।
पूर्व पुलिस अधिकारी भी सुरक्षित नहीं, आम जनता का क्या?
एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी के साथ इस तरह की घटना ने आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर कानून के रक्षक रह चुके व्यक्ति को ही न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है, तो आम आदमी की स्थिति का अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं।
पीड़ित ने SSP अनुराग आर्य से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अब बड़ा सवाल यह है कि
क्या प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा?
या फिर यह प्रकरण भी पुलिस फाइलों में दबकर रह जाएग
