77वें गणतंत्र दिवस पर रूस की बहुभाषी बधाई ने जीता भारत का दिल, सोशल मीडिया पर छाया संदेश
संपादक/धीरेंद्र सिंह ( धीरू)
न्यूज़ डेस्क | नई दिल्ली
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत को दुनियाभर से शुभकामनाएँ मिलीं, लेकिन नई दिल्ली स्थित रूसी दूतावास की बधाई ने खास तौर पर सभी का ध्यान खींचा। रूस ने भारतीयों को जिस अनोखे और आत्मीय अंदाज़ में गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ दीं, उसने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी और लोगों का दिल जीत लिया।
रूसी दूतावास ने हिन्दी, उर्दू, संस्कृत सहित कई भारतीय भाषाओं में गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ जारी कीं। यह पहल न केवल भारत की भाषाई विविधता के प्रति सम्मान को दर्शाती है, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं से रूस के गहरे जुड़ाव का भी संदेश देती है। अलग-अलग भाषाओं में दिए गए संदेशों को आम लोगों से लेकर बुद्धिजीवियों तक ने सराहा और इसे भारत-रूस मैत्री का सशक्त प्रतीक बताया।
हालाँकि इस अवसर पर अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश सहित कई देशों के राजनयिक प्रतिनिधियों ने भी भारत को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ दीं, लेकिन भावनात्मक जुड़ाव और सांस्कृतिक समझ के चलते रूस की बधाई सबसे अलग और प्रभावशाली साबित हुई। लोगों का कहना है कि यह केवल औपचारिक शुभकामना नहीं, बल्कि भारतीय भाषाओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की सच्ची अभिव्यक्ति है।
गौरतलब है कि रूस लंबे समय से भारत का भरोसेमंद और रणनीतिक सहयोगी रहा है। रक्षा, ऊर्जा, विज्ञान और अंतरिक्ष जैसे अहम क्षेत्रों में दोनों देशों के संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। ऐसे में गणतंत्र दिवस के अवसर पर रूसी दूतावास की यह बहुभाषी पहल भारत-रूस संबंधों को और प्रगाढ़ करने वाली मानी जा रही है।
77वें गणतंत्र दिवस पर आई यह खास बधाई सिर्फ एक संदेश नहीं, बल्कि भारत की एकता, विविधता और वैश्विक सम्मान की गूंज बनकर सामने आई, जिसने हर भारतीय को गर्व का एहसास कराया।


