कब्रिस्तान में दफ्न हुआ शैतान, भारी फोर्स के बीच पत्नी और गांव का प्रधान भी पहुंचे
फिरोज खान भास्कर टुडे
पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुए एक लाख के इनामी डकैत इफ्तेकार उर्फ शैतान को बरेली में सुपुर्द-ए-खाक किया गया
आखिरकार अवाम-ए-खिदमात कमेटी नाम की संस्था को सुपुर्द-ए-खाक की जिम्मेदारी सौंपी गई। रविवार सुबह करीब पांच बजे शैतान को दफनाया गया। मौके पर पुलिस अफसरों के साथ फोर्स तैनात रही।
बरेली। पुलिस मुठभेड़ में मारे गए एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात डकैत इफ्तेकार उर्फ शैतान को रविवार सुबह कैंट स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस दौरान भारी पुलिस फोर्स तैनात रही।
बताया जा रहा है कि दफन के वक्त उसकी पत्नी और गांव के प्रधान ने भी कब्रिस्तान पहुंचकर अंतिम रस्में पूरी कीं।
सात जिलों में पुलिस ढूंढ रही थी परिवार
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने शैतान के परिजनों की तलाश में सात जिलों में दबिश दी थी। कानपुर नगर, नोएडा, लखनऊ, आगरा, वाराणसी, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर के पुलिस अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई थी ताकि शव परिजनों को सौंपा जा सके।
हालांकि, एन्काउंटर के 72 घंटे बाद भी परिजन सामने नहीं आए। ऐसे में अवाम-ए-खिदमात कमेटी, जो लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार करती है, को दफन की जिम्मेदारी दी गई। रविवार तड़के करीब पांच बजे डकैत शैतान को कब्रिस्तान में दफ्न किया गया।
पत्नी और गांव का प्रधान पहुंचे कब्रिस्तान
सुपुर्द-ए-खाक के दौरान अचानक शैतान की पत्नी और गांव के प्रधान के पहुंचने से पुलिस भी हैरान रह गई। दोनों ने दफन की रस्में पूरी कीं। फिलहाल पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है कि वे कहां छिपे थे और इतने दिनों बाद कैसे पहुंचे।
बरेली में किसान के घर की डकैती से खुली थी पोल
इफ्तेकार उर्फ शैतान का नाम नवंबर 2024 की उस वारदात में सामने आया था, जब बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के उदयपुर जसरथपुर गांव में किसान केशर खां के घर पर हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोलकर परिवार को बंधक बना लिया था और डकैती की थी।
इस मामले में 4 अक्टूबर को पुलिस ने दो बदमाशों—अफताब उर्फ सैफ (निवासी मुरादाबाद) और देवेंद्र (निवासी शाहजहांपुर)—को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। पूछताछ में ही शैतान का नाम सामने आया था।
शैतान के सात पते और 19 मुकदमे
डकैत शैतान पर सात जिलों में हत्या, लूट और डकैती जैसे 19 संगीन अपराधों के मुकदमे दर्ज थे। पुलिस को जांच में शैतान के सात पते मिले थे, जिनमें वाराणसी, कानपुर नगर, लखनऊ, आगरा, गाजियाबाद, नोएडा और गौतमबुद्धनगर शामिल हैं।
गुरुवार सुबह नैनीताल हाईवे पर बिलवा पुल के पास पुलिस ने घेरा बंदी कर शैतान को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था।
ऐसे करता था गिरोह वारदात की प्लानिंग
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शैतान छैमार गिरोह से जुड़ा था। यह गिरोह दूरदराज के जिलों में वारदात को प्राथमिकता देता है। गिरोह के सदस्य अक्सर शादियों में बैंड पार्टी बनकर पहुंचते थे और रेकी कर डकैती की योजना बनाते थे।
यह लोग ऐसे मकानों को निशाना बनाते थे जो सड़क किनारे हों, परिवार छोटा हो या बुजुर्ग रहते हों। इसके बाद डकैती के दौरान हत्या जैसी जघन्य वारदातें करते थे। शैतान हर अपराध के बाद अपना नाम और ठिकाना बदल देता था।
पुलिस अब शैतान के नेटवर्क की जांच में जुटी
मुठभेड़ में शैतान के मारे जाने के बाद पुलिस अब उसके नेटवर्क, संपत्ति और सहयोगियों की तलाश में जुटी है। सभी सात जिलों के एसएसपी और एसपी को रिपोर्ट भेजी गई है ताकि उसके गिरोह के बाकी सदस्यों को भी जल्द गिरफ्तार किया जा सके।


